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गुरुवार, 06 दिसंबर, 2007 को 15:47 GMT तक के समाचार

चौधरी से नहीं मिल पाए नवाज़ शरीफ़

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ को पूर्व मुख्य न्यायाधीश इफ़्तिखार चौधरी से नहीं मिलने दिया गया है.

नवाज़ शरीफ़ ने गुरूवार को इफ़्तिख़ार चौधरी से मुलाक़ात करने की बात कही थी लेकिन अधिकारियों ने उन्हें उनके घर से ही नहीं निकलने दिया.

राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ को आपातकाल के दौरान शपथ ग्रहण करवाने से मना करने के बाद मुख्य न्यायाधीश और उनके कई सहयोगियों को निकाल दिया गया था.

इस्लामाबाद के जिस परिसर में कई वकील रहते हैं, वहाँ नवाज़ शरीफ़ के करीब 100 समर्थकों ने गुरूवार को प्रदर्शन किया.

इन लोगों ने परवेज़ मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ नारे लगाए और माँग की कि जिन जजों को बर्ख़ास्त कर दिया गया है उन्हें फिर से बहाल किया जाए.

लेकिन घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को आगे नहीं बढ़ने दिया.

नवाज़ शरीफ़ ने अपने समर्थकों से कहा कि वे जजों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त करने आए हैं.

उन्होंने कहा कि जब तक जजों को बहाल नहीं किया जाता वे ख़ामोश नहीं बैठेगें.

जजों की बहाली

नवाज़ शरीफ़ का ये राजनीतिक क़दम ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान में राजनीतिक बहस तेज़ हो गई है.

पाकिस्तान की मुख्य राजनीतिक पार्टियाँ माँगों के एक चार्टर पर चर्चा कर रही हैं.

इस चार्टर में कई शर्तें शामिल हैं और ये पार्टियाँ चाहती हैं कि जनवरी में चुनाव में हिस्सा लेने पर राज़ी होने से पहले ये शर्तें पूरी होनी चाहिए.

राजनीतिक पार्टियों की चिंता है कि चुनाव निष्पक्ष नहीं होंगे लेकिन अगर पार्टियाँ बहिष्कार करती हैं तो वे राजनीतिक प्रक्रिया से बाहर हो जाएँगी.

जजों का मुद्दा पाकिस्तान में अहम मुद्दा बन गया है. माना जा रहा है कि नवाज़ शरीफ़ चाहते हैं कि विपक्ष की संयुक्त माँगों में चुनाव से पहले जजों की बहाली का मुद्दा शामिल हो.

लेकिन हो सकता है कि बेनज़ीर भुट्टो का रुख़ इस बात पर कुछ नर्म हो. उनका कहना है कि चुनाव के बाद इस मुद्दे पर संसद बहस कर सकती है.