गुरुवार, 06 दिसंबर, 2007 को 08:10 GMT तक के समाचार
नारायण बारेठ
बीबीसी संवाददाता, जयपुर
जयपुर फ़ुट लगा कर विकलांगों की सहायता कर रहे संगठन भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति ने अब पाकिस्तान मे दो केंद्र खोलने की घोषणा की है.
साथ ही समिति ने जयपुर फ़ुट को और अधिक कारगर बनाने के लिए अमरीका के स्टेनफ़र्ड विश्वविद्यालय से करार किया है.
इस तरह भविष्य में विकलांग सहायता समिति और स्टेनफ़र्ड विश्वविद्यालय मिलकर जयपुर फ़ुट को और उपयोगी बनाए जाने का प्रयास करेंगे.
विकलांग समिति से जुड़े डीआर मेहता ने बीबीसी को बताया उनके संगठन ने कुछ समय पहले कराची और इस्लामाबाद मे दो कैंप लगाकर सात सौ से ज़्यादा लोगों को उनके पांवों पर खड़ा किया था.
उनकी इस कोशिश की वहाँ बहुत सराहना हुई और तभी से लोग माँग कर रहे थे कि पाकिस्तान मे जयपुर फ़ुट मिलने की पूरी व्यवस्था की जाए.
इसलिए विकलांग समिति ने अब कराची और इस्लामाबाद मे एक-एक केंद्र खोलने का फ़ैसला किया है.
विश्वविद्यालय से करार
जयपुर फ़ुट को और अधिक उपयोगी और आरामदेह बनाए जाने की क़ोशिशों के चलते विकलांग समिति ने अमरीका की स्टेनफ़र्ड यूनिवर्सिटी से हाथ मिलाया है.
समिति के सलाहकार डॉ एमके माथुर कहते है कि ये करार घुटने से ऊपर के जोड़ ठीक बनाने के लिए हैं.
इस संयुक्त परियोजना के अगले महीने से शुरू होने की उम्मीद है और उन्हें उम्मीद है कि इस करार से अच्छे परिणाम आएंगें.
समिति अब तक लगभग तीन लाख विकलांग लोगों को जयपुर फ़ुट लगाकर चलने में उनकी मदद कर चुकी है.जयपुर फ़ुट दुनिया के युद्धग्रस्त हिस्सों मे भी पहुँचा है जहाँ लोग अपाहिज हो गए थे.
इनमे अफ़ग़ानिस्तान, लेबनान समेत अफ़्रीका के भी अनेक देश शामिल है.
मेहता के अनुसार कराची मे स्थानीय रोटरी क्लब और हसवा ट्रस्ट की भागीदारी होगी जबकि इस्लामाबाद मे नेशनल रूरल सपोर्ट प्रोग्राम और नया क़दम इस काम मे हाथ बटाएंगे. अगले दो तीन महीनो में इन केंद्रों के खुल जाने की उम्मीद है.
तकनीक के हस्तानांतरण और पाकिस्तान में ज़रूरतमंदों को मशविरा देने का वायदा विकलांग समिति पहले ही कर चुकी है. ये काम सरकारों की भागीदारी के बिना हो रहा है और समिति के अनुसार इसे दोनो देशो के लोगो के बीच सहयोग के रूप मे देखा जाना चाहिए.