बुधवार, 05 दिसंबर, 2007 को 12:18 GMT तक के समाचार
सौतिक बिस्वास
बीबीसी संवाददाता, दिल्ली
भारत की राजधानी दिल्ली से सटे राज्य हरियाणा में ज़मीनों की आसमान छूती क़ीमतों से मालामाल हुए किसानों के मन में अपने बेटों की बारात उड़नखटोले पर ले जाने की ख़्वाहिश ज़ोर पकड़ने लगी हैं.
फ़ारूख़नगर के मान सिंह और उनके परिवार की इन दिनों इलाक़े भर में चर्चा है. वजह भी ख़ास है.
49 वर्षीय मानसिंह ने दूल्हा बने अपने बेटे को दुल्हन की ड्योढ़ी तक पहुँचाने के लिए अनोखा इंतज़ाम जो किया.
उन्होंने अपने दूल्हा बेटे के लिए घोड़ी के बजाय हेलीकॉप्टर किराए पर लिया और इसके लिए एक लाख 40 हज़ार रुपए की मोटी रक़म चुकाई.
सोमवार को फ़ारूख़नगर के हज़ारों लोगों के चेहरों पर उस वक़्त खुशी देखते ही बनती थी, जब मान सिंह का दूल्हा बेटा जगदीप दो अन्य रिश्तेदारों के साथ बेल जेट रेंजर हेलीकॉप्टर पर सवार हुआ.
उड़नखटोले को देखने के लिए जमा भीड़ को क़ाबू में करने के लिए पुलिस को भी ख़ासी मशक्कत करनी पड़ी.
हालाँकि मान सिंह को इस बात की कसक ज़रूर रही कि प्रशासनिक अनुमति न मिलने के कारण हेलीकॉप्टर दुल्हन के गाँव कापसहेड़ा में नहीं उतर सका.
दूल्हा अपने रिश्तेदारों के साथ 12 मिनट तक हैलीकॉप्टर में बैठकर हवा में घूमता रहा और दिल्ली के पालम हवाई अड्डे पर उतरने के बाद किराए की मर्सिडीज बेंज़ में सवार होकर दुल्हन के अंगना पहुँचा.
ज़मीन बनी सोना
मान सिंह कहते हैं, "मैं साधारण किसान हूँ लेकिन हमेशा से ही मेरा सपना रहा था कि मेरे बेटा दुल्हन लेने के लिए हेलीकॉप्टर से जाए. इसलिए मैने सोचा कि उसे हेलीकॉप्टर से भेज कर उसे शादी का यही तोहफा दूँ."
मान सिंह भारत के उन चंद किसानों में से एक हैं जो शादी और दूसरे पारिवारिक समारोहों पर बेहिसाब ख़र्च करना चाहते हैं.
दरअसल, बढ़ते शहरीकरण और औद्योगिकीकरण के कारण हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों में ज़मीन के भाव आसमान छू रहे हैं और अनेक किसान रातों-रात मालामाल हो गए हैं.
बड़े-बड़े बिल्डर किसानों से ज़मीन ख़रीद कर इस पर बहुमंज़िला इमारतें और कॉंप्लेक्स बना रहे हैं.
मसलन, फ़ारूख़नगर में एक एकड़ ज़मीन की क़ीमत लगभग एक करोड़ रुपए है.
मान सिंह जैसे किसानों के लिए ज़मीन बेचकर हुई मोटी कमाई को ख़र्च करने का एक तरीका बेटे की शादी के लिए हेलीकॉप्टर को किराए पर लेना है.
दिल्ली में हेलीकॉप्टर किराए पर देने वाली कंपनी के संचालक कर्नल सीएस चतुर्वेदी कहते हैं, "शादी के लिए किराए का हेलीकॉप्टर अपने सामाजिक रूतबे और धन के प्रदर्शन का अच्छा तरीका है."
शादियों के इस सीज़न में ही कर्नल चतुर्वेदी की कंपनी ट्रांस भारत एविएशन अमीर किसानों को आधा दर्जन बार हेलीकॉप्टर किराए पर दे चुकी है.
मुश्किलें
लेकिन सिर्फ़ पैसा होना ही शादी के लिए हेलीकॉप्टर का इंतजाम करने के लिए काफ़ी नहीं है.
मान सिंह कहते हैं, "हैलीकॉप्टर किराए पर लेने और इसे अपने गाँव में उतारने के लिए मुझे कोई दस सरकारी विभागों से मंज़ूरी लेनी पड़ी. फिर ख़राब मौसम और तकनीकी दिक्कतों से आपकी योजना चौपट होने का ख़तरा हमेशा बना रहता है."
वकालत की पढ़ाई कर रहे मानसिंह के बेटे का कहना है कि हेलीकॉप्टर में जाने का उनका अनुभव यादगार रहा लेकिन उन्हें अफ़सोस है कि वह विवाहस्थल तक हेलीकॉप्टर से नहीं जा सके.