मंगलवार, 04 दिसंबर, 2007 को 09:10 GMT तक के समाचार
गुजरात विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान भारतीय जनता पार्टी के बाग़ियों ने मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ एक बार फिर कमान कस ली है.
गुजरात में चुनाव प्रचार ज़ोरों पर है और मतदान 11 और 16 दिसंबर को होना है.
बाग़ियों के संगठन 'सरदार पटेल उत्कर्ष समिति' की तरफ़ से जारी एक विज्ञापन ने भाजपा के अंदर खलबली मचाई है.
समाचार एजेंसियों के अनुसार गुजरात से निकलने वाले दो भाषायी अख़बारों में विज्ञापन छपे हैं जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल के नाम से एक टिप्पणी है. इस विज्ञापन में नरेंद्र मोदी को 'निरंकुश शासक' बताया गया है.
विज्ञापन में केशुभाई पटेल के पूर्व में दिए गए बयानों को छापा गया है जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार की आलोचना की है.
गाँधी नगर में संवादाताओं से बातचीत करते हुए केशुभाई पटेल ने पूरे मामले से पल्ला झाड़ लिया है. उनका कहना है कि उन्होंने कोई अपील नहीं की है.
'खंडन नहीं'
समिति के प्रमुख हैं बाग़ी विधायक और पूर्व गृह राज्यमंत्री गोवर्धन झड़पिया.
समाचार एजेंसियों के अनुसार उनका कहना है, "विज्ञापन जारी करने का मकसद लोगों को नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ केशुभाई पटेल के पुराने विचारों को ताज़ा करना है. विज्ञापन में विभिन्न अवसरों पर केशुभाई पटेल के नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ विचारों को शब्दशः छापा गया है."
पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल ने कहा, "मैंने विज्ञापन नहीं दिया है. यह पूर्व में विभिन्न जगहों पर दिए गए मेरे भाषणों का संकलन है जो अख़बारों में प्रकाशित हुए. मैं ने यह अपील नहीं की है लेकिन जो कुछ भी विज्ञापन में छपा है मैं उसका खंडन नहीं करता."
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें विज्ञापन को लेकर कोई आपत्ति है, उन्होंने कहा कि आपत्ति का सवाल ही कहाँ उठता है?
संवादाताओं ने जब उनसे पूछा कि क्या वे चाहते हैं कि गुजरात की जनता भाजपा को वोट ना दें, उन्होंने कहा, "मुझे इससे ज्यादा कुछ नहीं कहना है."