http://www.bbcchindi.com

मंगलवार, 04 दिसंबर, 2007 को 22:34 GMT तक के समाचार

दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में बड़ा संघर्ष

ब्रितानी, अमरीकी और अफ़ग़ान सेनाओं ने दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान के मूसा क़ला कस्बे पर फिर कब्ज़े के लिए सैन्य अभियान छेड़ा है.

उल्लेखनीय है कि फ़रवरी में इस इलाक़े पर तालेबान विद्रोहियों ने कब्ज़ा कर लिया था.

सोमवार को अफ़ग़ानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि मूसा क़िला पर कब्ज़े के लिए एक अभियान शुरू किया जा रहा है.

इस अभियान का नाम ‘ज़फर’ यानी जीत रखा गया है.

लेकिन बातचीत के कारण अंतिम समय में इस अभियान को टाल दिया गया.

अब हेलमंद प्रांत के गवर्नर का कहना है कि ये अभियान शुरू हो गया है. साथ ही तालेबान ने माना है कि ये बड़ा हमला है.

बीबीसी संवाददाता के अनुसार मूसा क़ला स्थित तालेबान सूत्रों का कहना है कि ब्रितानी और अफ़ग़ान सेनाएँ उनके हमले के बाद पीछे हटीं हैं.

अन्य स्थानीय सूत्रों का कहना है कि इस कस्बे से सैकड़ों लोग पलायन कर गए हैं

लंदन स्थित ब्रितानी रक्षा मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि नहीं की कि ये अभियान किस स्तर का है.

रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता का कहना था कि पिछली साल अंतरराष्ट्रीय सेनाओं ने दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में कई अभियान चलाए, इसमें मूसा क़ला का इलाक़ा भी शामिल था.

संवाददाता का कहना है कि ब्रितानी सेनाओं ने 2006 में भारी संघर्ष के बाद मूसा क़ला पर कब्ज़ा कर लिया था.

लेकिन क़बायली नेताओं के हस्तक्षेप के बाद तालेबान लड़ाकों को रास्ता देने संबंधी एक विवादास्पद समझौते के बाद सेनाएँ पीछे हट गईं थीं.

इस साल फ़रवरी में तालेबान लड़ाके फिर वहाँ आ गए और उन्होंने वहाँ मोर्चा जमा लिया.

ये इलाक़ा अफीम के व्यापार का केंद्र भी है और अब दोनों पक्षों के लिए ये प्रतीकात्मक महत्व का केंद्र बन गया है.