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सोमवार, 03 दिसंबर, 2007 को 20:27 GMT तक के समाचार

चुनाव के लिए शर्तें रखेंगे बेनज़ीर, नवाज़

पाकिस्तान के विपक्षी नेताओं बेनज़ीर भुट्टो और नवाज़ शरीफ़ ने संयुक्त रूप से घोषणा की है कि उनकी पार्टियाँ चुनाव के लिए शर्तें रखने जा रही हैं.

दोनों नेताओं का कहना था कि उसके बाद ही चुनाव में हिस्सा लेने के बारे में फ़ैसला किया जाएगा.

इस्लामाबाद में नवाज़ शरीफ़ और बेनज़ीर भुट्टो की बैठक के बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त रूप से संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि मौजूदा व्यवस्था में चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं हो सकते हैं.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि बेनज़ीर भुट्टो और नवाज़ शरीफ़ ने ये तो स्पष्ट नहीं किया कि उनकी क्या माँगें हैं. लेकिन माना जा रहा है कि इसमें इमरजेंसी हटाया जाना और चुनाव आयोग को बदलना शामिल है.

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान में जनवरी में आम चुनाव होने हैं और राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने दो सप्ताह के भीतर इमरजेंसी समाप्त करने की घोषणा कर दी है.

बेनज़ीर भुट्टो ने कहा,'' हमने चुनाव के बहिष्कार का फ़ैसला सुरक्षित रखा है और बाद में इस पर फ़ैसला करेंगे.''

पर्चा रद्द

इसके पहले पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने नवाज़ शरीफ़ की उम्मीदवारी का पर्चा रद्द कर दिया था.

इस फ़ैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए नवाज़ शरीफ़ ने कहा, " यह बहुत ही आश्चर्यजनक फ़ैसला है लेकिन इससे मेरे हौसले पस्त नहीं हुए हैं, कल के मुक़ाबले हमारा इरादा आज और मज़बूत हो गया है. हम तानाशाही के ख़िलाफ़ अधिक जोश और लगन के साथ लड़ेंगे."

नवाज़ शरीफ़ ने कहा कि वे देश की जनता के लिए लड़ रहे हैं और देश की जनता उनके साथ है.

नवाज़ शरीफ़ ने नेशनल एसेंबली के चुनाव में लाहौर से बतौर उम्मीदवार पर्चा भरा था लेकिन वे साथ ही चुनाव के बहिष्कार की बात भी करते रहे हैं.

लाहौर से चुनाव लड़ने वाले कुछ अन्य उम्मीदवारों ने उनकी नामज़दगी पर एतराज़ किया था.

उनका कहना था कि आपराधिक मामलों में नवाज़ शरीफ़ को दोषी पाया गया है इसलिए वे चुनाव लड़ने के योग्य नहीं हैं.

इसके पहले तक बेनज़ीर भुट्टो कहती आईं हैं कि वे इन चुनावों का बहिष्कार नहीं चाहतीं क्योंकि उससे 'मुशर्रफ़ को लाभ मिलेगा' और वे नेशनल एसेंबली में बहुमत हासिल कर लेंगे.