रविवार, 02 दिसंबर, 2007 को 08:29 GMT तक के समाचार
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल गोपाल कृष्ण गांधी ने रविवार को हिंसाग्रस्त नंदीग्राम का दौरा किया है और स्थिति का जायज़ा लिया है.
इस साल जनवरी महीने से ही नंदीग्राम में तनाव है जिसके बाद कई बार हिंसक घटनाएं भी हुई हैं.
राज्यपाल गांधी आज सुबह कोलकाता से निकले और नंदीग्राम पहुंचे जहां उन्होंने ज़मीनी स्तर पर स्थिति का जायज़ा लिया.
उन्होंने नंदीग्राम में पिछले महीने हुई ताज़ा हिंसा के लिए सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के ख़िलाफ़ कड़े बयान दिए थे और वहाँ के हालात को 'रणभूमि' जैसा बताया था जिसको लेकर काफी विवाद हुआ था.
इसके मद्देनज़र उनकी इस यात्रा को अहम समझा जा रहा है. हालाँकि सीपीएम की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
राज्यपाल ने प्रभावित ग्रामीणों से बात भी की और उनकी मुश्किलें भी सुनीं.
वो ब्रजमोहन तिवारी हाई स्कूल भी गए जहां भूमि उच्छेद प्रतिरोध समिति के समर्थकों को शरण दी गई है. स्कूल में शरणार्थियों जैसा जीवन बिता रहे लोगों ने राज्यपाल को अपनी समस्याएं सुनाईं.
ग्रामीणों का कहना था कि वो वापस लौटने में डर रहे हैं क्योंकि उन्हें फिर हिंसा की आशंका है.
नंदीग्राम के गांवों में पिछले दिनों सीपीएम के समर्थकों ने कथित तौर पर हमला किया था और कई लोगों को उनके घरों से निकाल दिया था.
राज्यपाल ने इसकी आलोचना की थी जिसके बाद सीपीएम नेताओं ने राज्यपाल को आड़े हाथों लिया था.
इससे पहले राज्यपाल ने केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल से 29 नवंबर को मुलाक़ात की थी और स्थिति से अवगत कराया था.
राज्यपाल गांधी ने नंदीग्राम को 'युद्ध क्षेत्र' करार दिया था जिसके बाद सीपीएम ने कहा था कि राज्यपाल अपनी सीमाएं लांघ रहे हैं.