रविवार, 02 दिसंबर, 2007 को 14:07 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री और विपक्षी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की नेता बेनज़ीर भुट्टो का कहना है कि विपक्ष की ओर से चुनाव का बहिष्कार राष्ट्रपति मुशर्रफ़ को मदद पहुँचाएगा.
बेनज़ीर का कहना है कि चुनाव का बहिष्कार होने से राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के लिए इमरजेंसी को जायज़ ठहराना आसान हो जाएगा.
बेनज़ीर भुट्टो ने कहा है कि इस बारे में एकजुटता बनाए रखने के लिए वे दूसरे विपक्षी नेता नवाज़ शरीफ़ से सोमवार को मुलाक़ात करेंगी.
नवाज़ शरीफ़ ने घोषणा की है कि वे आठ जनवरी को होने वाले संसदीय चुनाव का बहिष्कार करेंगे.
पेशावर में एक सभा में बेनज़ीर ने कहा, "अगर हम चुनाव का बहिष्कार करेंगे तो राष्ट्रपति मुशर्रफ़ को नेशनल एसेंबली में अपने फ़ैसलों को सही ठहराने के लिए बहुमत मिल जाएगा."
बेनज़ीर ने कहा, "हमें विरोध के तौर पर ही चुनाव में हिस्सा लेना चाहिए, मुझे नवाज़ शरीफ़ और काज़ी हुसैन अहमद से चुनाव के बहिष्कार का स्पष्ट संकेत नहीं मिला है क्योंकि उन्होंने नामज़दगी के पर्चे भरे हैं."
काज़ी हुसैन अहमद धार्मिक पार्टियों के गठबंधन मुत्तहिदा मजलिसे अमल यानी एमएमए के प्रमुख हैं, इस गठबंधन चुनाव का बहिष्कार करने को लेकर गहरे मतभेद हैं.
उन्होंने कहा कि चुनाव में धांधली की आशंका के बावजूद वे मैदान नहीं छोड़ेंगी, उन्होंने सरकार पर मनमाने तरीक़े से अफ़सरों का तबादला करने का आरोप लगाया.
बेनज़ीर ने आठ जनवरी से होने वाले चुनाव को देखते हुए अपनी पार्टी का चुनाव अभियान सूबा सरहद में शुरू कर दिया है.
भुट्टो ने कहा कि लोकतांत्रिक शक्तियों को एकजुट होना पड़ेगा वर्ना जो चरमपंथी आज स्वात घाटी में सक्रिय हैं उनका कब़्ज़ा इस्लामाबाद पर भी हो जाएगा.