शुक्रवार, 30 नवंबर, 2007 को 14:51 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की नेता और पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो ने आठ जनवरी 2008 को होने वाले आम चुनाव के लिए अपनी पार्टी का घोषणा-पत्र जारी किया है जिसमें घरेलू मुद्दों पर ज़्यादा ध्यान दिया गया है.
हालाँकि यह घोषणा-पत्र जारी करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी विरोधस्वरूप इन चुनावों में भाग लेगी और वह किसी भी समय इन चुनावों के बहिष्कार का फ़ैसला कर सकती हैं.
उधर एक अन्य पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने तमाम विपक्षी दलों का आहवान किया है कि वे चुनावों का बहिष्कार करने के लिए एकजुट हो जाएँ.
ग़ौरतलब है कि राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ इमरजेंसी 16 दिसंबर को समाप्त करने और चुनाव पूर्व घोषणा के अनुसार आठ जनवरी 2008 को कराने की घोषणा कर चुके हैं. उन्होंने तीन नवंबर को इमरजेंसी लगाई थी.
बेनज़ीर भु्ट्टो ने शुक्रवार को राजधानी इस्लामाबाद में पत्रकारों के सामने चुनाव घोषणा-पत्र जारी करते हुए कहा कि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की नीतियाँ मुख्य रूप से अंग्रेज़ी के वर्ण ई (E) पर आधारित हैं और वे हैं - एंप्लॉयमेंट यानी रोज़गार, एडूकेशन यानी शिक्षा, एनर्जी यानी ऊर्जा, एनवायरनमेंट यानी पर्यावरण और इक्वेलिटी यानी समानता.
लेकिन साथ ही बेनज़ीर भुट्टो ने इस बार में कुछ भी कहने से साफ़ इनकार कर दिया कि वह ख़ुद संसदीय और विधानसभाओं के चुनाव में हिस्सा लेंगी या नहीं.
बेनज़ीर भुट्टो ने कहा, "हम चुनाव में हिस्सा विरोधस्वरूप ले रहे हैं और हम इन चुनावों को वैधता देने का इरादा नहीं रखते क्योंकि हम अगर इन चुनावों में हिस्सा नहीं लेते हैं तो हम एक तरह से उनके लिए मैदान खुला छोड़ देंगे."
बेनज़ीर भुट्टो ने चुनावों की तैयारियों में बरती जा रही निष्पक्षता और पारदर्शिता के बारे में भी सवाल उठाए.
चुनाव बहिष्कार के नवाज़ शरीफ़ के आहवान के बारे में बेनज़ीर भुट्टो ने कहा कि विपक्षी पार्टियों को अपने लक्ष्य और पर एकमत होना होगा जिसमें एक सर्वसम्मत एजेंडा और परिवर्तन के लिए एक सर्वसम्मत नज़रिया भी शामिल है.
बेनज़ीर भुट्टो ने कहा, "चुनावों का बहिष्कार भर करना काफ़ी नहीं है... हमें इस मुद्दे पर एक राय बनानी होगी कि बहिष्कार से आगे क्या करना है... तब हम अपने फ़ैसले पर निश्चित रूप से पुनर्विचार करेंगे."