पाकिस्तानी फ़ौज के खुफ़िया एजेंसी आईएसआई के पूर्व प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अशफ़ाक परवेज़ कियानी ने सैन्य प्रमुख का पद संभाल लिया है.
अक्तूबर माह में राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने कियानी को वॉयस चीफ ऑफ आर्मी स्टॉफ का पद दिया था जिसके बाद से क़यास लगाए जा रहे थे कि वो सेना प्रमुख बन सकते हैं.
मिलिट्री कॉलेज झेलम से पढ़ने के बाद जनरल कियानी ने 1971 में बलोच रेजिमेंट में कमीशन हासिल किया.
वो कमांड एंड स्टाफ कॉलेज क्वेटा और अमरीका के जनरल स्टॉफ कॉलेज फोर्ट लियुनॉर्थ से पढ़े हुए हैं.
जनरल कियानी ने सेना में इंफेंट्री बटालियन से कोर कमांडर तक का अनुभव हासिल किया है.
सन 2001-02 में जब पाकिस्तान और भारत के बीच करगिल में तनाव हुआ था तो वो सैन्य अभियान के महानिदेशक थे यानी पूरी कार्रवाई उन्हीं की देख रेख में हुई थी.
पूर्व फ़ौजी अफसर के पुत्र कियानी को फ़ौज में एक प्रोफेशनल जनरल के तौर पर जाना जाता है लेकिन आईएसआई के प्रमुख की हैसियत से राजनीतिक नेताओं से भी उनका करीबी वास्ता रहा है.
बताया ये भी जाता है कि अमरीकी फ़ौज में उनकी खासी जान पहचान है