मंगलवार, 27 नवंबर, 2007 को 23:33 GMT तक के समाचार
विवादास्पद लेखिका तस्लीमा नसरीन के मामले में सरकार बुधवार को संसद में बयान देगी.
संसदीय कार्यमंत्री प्रियरंजन दासमुंशी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा,'' विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी बुधवार को बयान देंगे.''
ये पूछे जाने पर कि तस्लीमा को क्या बाहर ले जाया गया है तो दासमुंशी का कहना था,'' वो भारत में हैं.''
दासमुंशी ने इस बारे में और सवालों के जवाब देने से इनकार कर दिया.
दूसरी ओर मंगलवार को दिल्ली में कई ग़ैर सरकारी संगठनों ने तस्लीमा नसरीन के समर्थन में एक रैली निकाली.
हालांकि तस्लीमा नसरीन के लिए एक सुरक्षित घर की तलाश अभी जारी है. कोलकता से जयपुर, जयपुर से दिल्ली और फिर सोमवार देर रात फिर उन्हें सुरक्षाकर्मी एक अज्ञात स्थल पर ले गए.
मोदी का निमंत्रण
लेकिन तस्लीमा नसरीन को एक अनपेक्षित जगह से आश्रय का निमंत्रण मिला है.
सांप्रदायिक दंगों में हिंदू दंगाइयों का समर्थन करने का आरोप झेल रहे मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें गुजरात आने का निमंत्रण दिया है.
नरेंद्र मोदी ने एक चुनाव रैली में कहा, " अगर केंद्र सरकार में तस्लीमा नसरीन को संभालने की हिम्मत नहीं है तो उन्हें गुजरात भेज दें, वहाँ की जनता इसके लिए समर्थ है".
लेकिन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता एबी बर्धन इसे भारतीय जनता पार्टी का पाखंड करार देते हैं.
उनका कहना है," मैं कहता हूं उनके जैसे दोहरे मापदंड वाला और कोई नहीं. एमएफ़ हुसैन के बारे में वो क्या करते हैं. उनकी पेंटिंग फाड़ते हैं, वो स्वतंत्रता देते हैं कलाकारों को"?
उल्लेखनीय है कि तस्लीमा नसरीन की वीज़ा की अवधि बढ़ाए जाने के विरोध में कोलकाता में हिंसा भड़क उठी थी जिसमें 43 लोग घायल हुए थे.
इसके बाद उन्हें राजस्थान भेज दिया गया था और फिर दिल्ली लाया गया था.