मंगलवार, 27 नवंबर, 2007 को 10:59 GMT तक के समाचार
सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई बम धमाकों के सिलसिले में सज़ा काट रहे फ़िल्म अभिनेता संजय दत्त को ज़मानत दे दी है.
उन्हें टाडा कोर्ट ने छह साल की सज़ा सुनाई थी.
संजय दत्त के अलावा टाडा कोर्ट से सज़ा प्राप्त 15 अन्य को भी सुप्रीम कोर्ट ने ज़मानत दे दी.
ज़मानत पाने वालों में संजय दत्त के दोस्त यूसुफ़ नलवाला भी शामिल हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले का निपटारा होने तक संजय दत्त को ज़मानत पर रिहा करने के आदेश दिए.
टाडा कोर्ट ने संजय दत्त को 'आर्म्स एक्ट' के तहत दोषी क़रार देते हुए छह साल की सज़ा सुनाई थी. संजय दत्त फिलहाल पुणे की यरवदा जेल में हैं.
विरोध नहीं
दरअसल, मंगलवार को अभियोजन पक्ष केंद्रीय जाँच ब्यूरो यानी सीबीआई ने आर्म्स एक्ट में सज़ा पाए दोषियों को ज़मानत दिए जाने का विरोध नहीं किया.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि संजय दत्त को अपना पासपोर्ट जमा कराना होगा और विदेश जाने से पहले अदालत की इजाज़त लेनी होगी.
संजय दत्त की बहन और कांग्रेस सांसद प्रिया दत्त ने सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर ख़ुशी जताई है. उन्होंने कहा, "यह हम सभी के लिए और हर उस शख्स के लिए बहुत बड़ी राहत है जो संजय दत्त से जुड़ा है."
ज़मानत पाने वाले अन्य दोषियों में ज़ेबुन्निसा अंसारी, समीर हिंगोरा, यूसुफ़ ख़ान, सोमनाथ थापा, मुबीना, लियाकत अली, शाहनवाज़ ख़ान, मोहम्मद रफ़ीक़, शेख़ हाफ़िज़ यूसुफ़, मोहम्मद यूनुस, ग़ुलाम, इब्राहीम मूसा, रमेश दत्तात्रेय माली और रंजीत कुमार सिंह शामिल हैं.
अदालत ने अधिकतर उन दोषियों की ज़मानत अर्जी मंजूर की है, जो टाडा कोर्ट से मिली कुल सज़ा की आधी सज़ा काट चुके हैं.
अदालत ने कहा कि कर्सी अदज़ानिया की ज़मानत याचिका पर सुनवाई उनके आत्मसमर्पण करने के बाद ही होगी.
टाडा का फ़ैसला
31 जुलाई को विशेष टाडा अदालत ने संजय दत्त को बम धमाकों की साज़िश रचने के इल्ज़ाम से तो बरी कर दिया था, लेकिन उन्हें अवैध तरीके से एक एके-56 राइफ़ल और पिस्तौल रखने का दोषी पाया था.
यह फ़ैसला आने के बाद संजय दत्त को कुछ समय यरवदा जेल में बिताना पड़ा था.
बाद में संजय दत्त ने इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी. सुप्रीम कोर्ट ने 20 अगस्त को संजय दत्त को अंतरिम ज़मानत दे दी थी.
लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया था कि जिस दिन भी संजय दत्त को फ़ैसले की कॉपी मिलेगी उन्हें अदालत में समर्पण करना होगा.
22 अक्तूबर को संजय दत्त को फ़ैसले की कॉपी मिल गई थी और तब से ही वह यरवदा जेल में हैं.
मुंबई में वर्ष 1993 में 12 बम धमाके हुए थे, जिनमें 257 लोग मारे गए थे और 700 से ज़्यादा लोग घायल भी हुए थे.
मुंबई धमाकों के संबंध में कुल 100 लोगों को दोषी ठहराया गया है. इनमें से 12 को मौत की और 20 को उम्र क़ैद की सज़ा दी गई है.