मंगलवार, 27 नवंबर, 2007 को 14:46 GMT तक के समाचार
सुबीर भौमिक
बीबीसी संवाददाता, कोलकाता से
कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के तीन शीर्ष नेताओं को अवमानना का नोटिस जारी किया है.
हाईकोर्ट ने अवमानना का ये नोटिस हाल ही में उसके एक फ़ैसले पर इन नेताओं की 'आपत्तिजनक टिप्पणियों' के मामले में जारी किया है.
हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मंगलवार को कलकत्ता बार एसोसिएशन की उस याचिका को स्वीकार कर लिया जिसमें मार्च 2007 में नंदीग्राम में हुई पुलिस फ़ायरिंग पर अदालत के हाल के फ़ैसले के ख़िलाफ़ इन नेताओं की टिप्पणियों के लिए उन्हें 'उचित सज़ा' देने का अनुरोध किया गया था.
टिप्पणी पर नाराज़गी
नंदीग्राम में प्रदर्शनकारी भीड़ पर मार्च 2007 में हुई पुलिस फायरिंग में 14 लोग मारे गए थे और हाईकोर्ट ने नवंबर के शुरू में दिए अपने फ़ैसले में फ़ायरिंग को 'असंवैधानिक' और 'ग़ैरज़रूरी' बताया था.
तीनों वामपंथी नेताओं- बिमान बोस, विनय कोनार और श्यामल चक्रवर्ती ने कलकत्ता हाईकोर्ट के इस फ़ैसले की आलोचना की थी और इसे "बिना किसी संदर्भ और कारण के दिया गया फ़ैसला" बताया था.
कलकत्ता बार एसोसिएशन ने इन वामपंथी नेताओं के बयानों पर नाराज़गी जताई थी.
एसोसिएशन ने हाईकोर्ट की अवमानना का आरोप लगाते हुए इन नेताओं के ख़िलाफ़ कठोर दंडात्मक कार्रवाई करने के लिए याचिका दायर की थी.
बिमान बोस सीपीएम की पश्चिम बंगाल इकाई के सचिव और सत्तारूढ़ वामपंथी मोर्चे के अध्यक्ष हैं.
विनय कोनार राज्य में सीपीएम के किसान प्रकोष्ठ के अध्यक्ष हैं, जबकि श्यामल चक्रवर्ती मज़दूर संगठन सीटू के प्रदेश अध्यक्ष हैं. कोनार और चक्रवर्ती सीपीएम की केंद्रीय समिति के सदस्य भी हैं.
अवमानना आरोप पर विनय कोनार ने कहा, "मैंने वो कहा जो मैने सच समझा. मैं अदालत में अपना पक्ष रखूंगा. जो कुछ मैने कहा है उसके लिए मैं जेल जाने के लिए तैयार हूँ."
विमान बोस और चक्रवर्ती कोलकाता से बाहर हैं और उनसे संपर्क नहीं हो सका.