मंगलवार, 27 नवंबर, 2007 को 14:21 GMT तक के समाचार
असम में शनिवार को हुई हिंसा के विरोध में आदिवासी संगठनों के 36 घंटे के बंद के दौरान मंगलवार को बंद समर्थकों ने डिब्रूगढ़ ज़िले में एक वाहन से जा रहे तीन लोगों को पीटा और वाहन को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया.
समाचार ऐजेंसियों के मुताबिक बंद समर्थकों ने उनके सामान वग़ैरह भी छीन लिए.
आदिवासियों का प्रदर्शन अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में शामिल किए जाने के लिए था.
शनिवार को ऑल आदिवासी स्टूडेंट्स ऑफ़ असम के प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई थी जिसमें दो आदिवासी मारे गए थे और ढाई सौ घायल हुए थे.
शनिवार को हुई हिंसा की देशव्यापी निंदा के बाद मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने इन घटनाओं की न्यायिक जाँच कराने के आदेश दिए हैं.
उधर मंगलवार को ही लोकसभा में आदिवासियों के प्रदर्शन में हुई हिंसा के मसले पर काफ़ी हंगामा हुआ जिसके बाद एक घंटे के लिए लोकसभा को स्थगित करना पड़ा.
तीख़ी नोक-झोंक
लोकसभा में इस घटना पर गृह मंत्री शिवराज पाटिल के बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी के सदस्य किरण रिजिजू और संसदीय मामलों के राज्य मंत्री बीके हनडिके बीच काफ़ी नोक-झोंक हुई.
रिजिजू गृह मंत्री के वक्तव्य से खफ़ा थे. उनका कहना था कि वक्तव्य आदिवासियों के विरूद्द है.
भाजपा के नेता वीके मल्होत्रा ने वक्तव्य के ऊपर अपनी नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए कहा कि इसमें शनिवार को एक आदिवासी महिला के निर्वस्त्र करने और अनेक आदिवासियों के लापाता होने का उल्लेख नहीं है.