शुक्रवार, 23 नवंबर, 2007 को 18:29 GMT तक के समाचार
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उत्तर प्रदेश में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों की निंदा करते हुए मारे गए लोगों के परिजनों को सहायता देने की घोषणा की है.
वो अभी राष्ट्रमंडल देशों के सम्मेलन में हिस्सा लेने युंगांडा गए हुए हैं.
प्रधानमंत्री ने कहा है कि मारे गए लोगों के परिवार वालों को एक-एक लाख रूपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी.
उन्होंने घायलों के प्रति सहानुभूति जताई है.
उधर गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने इन धमाकों को 'राष्ट्रविरोधी तत्वों की करतूत' बताया है.
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि केंद्र सरकार चरमपंथी गतिविधियों से सख़्ती से निपटेगी.
पाटिल का कहना था कि वो राज्य सरकार के साथ संपर्क बनाए हुए हैं और जो सहायता चाहिए, दी जाएगी.
उनका कहना था, "मुझे पक्का भरोसा है कि देश के शांति प्रिय लोग इस तरह के तत्वों को पुरज़ोर जवाब देंगे."
सोनिया ने भी चिंता जताई
केंद्र में सत्तारूढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) और कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि इस तरह की घटना के ज़रिए जनता में अफ़रा-तफ़री मचाने की साजिश की गई.
उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से दोषियों की पहचान कर उनके साथ सख़्ती से पेश आने की मांग की.
सोनिया गांधी का कहना था," फ़ैज़ाबाद, लखनऊ और वाराणसी में हुए धमाके स्तब्ध करने वाले हैं."
उधर विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा है कि गुप्तचर विभाग को अपना काम बेहतर तरीके से करना होगा.
केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने कहा है कि ये मसला ख़ासा गंभीर हो गया है और इस पर संसद में भी चर्चा होनी चाहिए. केंद्रीय गृह राज्यमंत्री श्रीप्रकाश जयसवाल ने कहा है कि ये एक सुनियोजित हमला हो सकता है.