शुक्रवार, 23 नवंबर, 2007 को 13:24 GMT तक के समाचार
उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने कहा है कि चरमपंथियों के बारे में पूर्व सूचना देने के लिए ज़िम्मेदार केंद्रीय खुफ़िया सूचना तंत्र ने उनके राज्य को इन विस्फोटों के बारे में कोई पूर्व सूचना या सावधानी बरतने के निर्देश नहीं दिए थे.
उन्होंने इसे केंद्र सरकार के ख़ुफ़िया तंत्र की पूर्ण विफलता का सबूत क़रार दिया.
मायावती ने संवाददाताओं का जानकारी दी कि राज्य में पाँच सिलसिलेवार विस्फोट हुए जिनमे 13 लोग मारे गए और 59 लोग घायल हुए हैं.
वाराणसी में दो विस्फोटों में नौ लोगों की मौत हुई है और 45 लोग घायल हुए हैं. फैज़ाबाद में दो विस्फोटों में चार लोग मारे गए हैं और 14 घायल हैं.
लखनऊ में एक विस्फोट हुआ है जिसमें कोई हताहत नहीं हुआ है.
तुरंत कार्रवाई
मायावती ने कहा, “पुलिस महकमे के वरिष्ठ अधिकारियों को आतंकवादियों के विरूद्ध तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. एसटीएफ को हाई अएलर्ट पर रखा गया है और आतंकवादियों को पकड़ने के निर्देश दिए गए हैं.”
उन्होंने बताया कि वाराणसी और फैज़ाबाद में कुछ घायलों की हालत गंभीर है और उन्हें बचाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है.
मुख्यमंत्री ने बताया कि विस्फोटों के तुरंत बाद मुख्य सचिव को वाराणसी जबकि पुलिस महानिदेशक को फैज़ाबाद रवाना किया गया.
मायावती ने विस्फोट में मारे गए प्रत्येक व्यक्ति को दो-दो लाख रुएए और प्रत्येक घायल को पचास-पचास हज़ार रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की.
उन्होंने राज्य के नागरिकों से शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने और चरमपंथियों की साज़िश को नाकाम करने में सरकार को सहयोग देने की अपील की.