गुरुवार, 22 नवंबर, 2007 को 05:31 GMT तक के समाचार
कोलकाता में बुधवार को हुई हिंसा के बाद लगाया गया रात का कर्फ़्यू पाँच थाना क्षेत्रों से हटा लिया गया है. हालाँकि सेना अभी भी गश्त लगा रही है.
स्थिति बुधवार को तब बिगड़नी शुरू हो गई थी जब नंदीग्राम की हिंसा और लेखिका तस्लीमा नसरीन की वीज़ा अवधि बढ़ाए जाने के विरोध में प्रदर्शनकारी उग्र हो गए.
कई सार्वजनिक वाहनों को आग लगा दी गई और पुलिस के साथ कुछ स्थानों पर झड़पें भी हुई.
स्थिति बिगड़ती देख राज्य सरकार को कोलकाता के संवेदनशील इलाक़ों में सेना तैनात करने का आदेश देना पड़ा.
हिंसा में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सहित 27 लोग घायल हुए थे और क़रीब 80 लोगों को गिरफ़्तार किया गया.
बुधवार शाम को राज्य प्रशासन ने आठ घंटे के लिए रात का कर्फ़्यू लगा दिया था.
स्थिति सामान्य
कोलकाता के पुलिस आयुक्त गौतम मोहन चक्रवर्ती ने कहा है कि गुरुवार सुबह स्थिति सामान्य है और शिक्षण संस्थान भी खुल रहे हैं.
उन्होंने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया है कि एहतियात के तौर पर संवेदनशील इलाक़ों में सेना और पुलिस साझा गश्त लगा रही है.
पुलिस आयुक्त के मुताबिक सेना की तैनाती जारी रखी जाए या नहीं, इस पर फ़ैसला करने के लिए जल्दी ही समीक्षा बैठक की जाएगी.
विरोध
बुधवार को राज्य के एक अल्पसंख्यक समूह, ऑल इंडिया माइनॉरिटी फ़ोरम की ओर से चक्का जाम का आह्वान किया गया था.
माइनॉरिटी फ़ोरम के लोग बांग्लादेश की लेखिका तस्लीमा नसरीन को भारत से तुरंत बाहर निकाले जाने की माँग कर रहे हैं.
नब्बे के दशक की शुरुआत में ही विवाद में आईं तस्लीमा को बांग्लादेश छोड़ना पड़ा था. तब से तस्लीमा यूरोप और भारत निर्वासित जीवन व्यतीत कर रही हैं.
फ़ोरम ने आजकल भारत में निर्वासित जीवन बिता रही तस्लीमा के वीज़ा की अवधि बढ़ाए जाने का कड़ा विरोध किया.
इसके अलावा नंदीग्राम में पिछले दिनों हुई हिंसा को लेकर भी इस अल्पसंख्यक संगठन की ओर से विरोध दर्ज किया गया.