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मंगलवार, 20 नवंबर, 2007 को 20:35 GMT तक के समाचार

नंदीग्राम पर लोकसभा में बहस की संभावना

नंदीग्राम के मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों में दो दिनों के हंगामे के बाद अब बुधवार को लोकसभा में इसी मुद्दे पर बहस होने की संभावना है.

नंदीग्राम मामले में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की चिंता पर वाम नेताओं की अलग-अलग प्रतिक्रिया आई है.

पिछले दो दिनों से नंदीग्राम के मुद्दे पर विपक्षी दलों ने संसद की कार्यवाही नहीं चलने दी है जिसके बाद वाम दलों और विपक्षी दलों के बीच कई घंटों तक वार्ताएं होती रहीं.

रिपोर्टों के अनुसार इन वार्ताओं के बाद तय हुआ है कि बुधवार को नंदीग्राम पर लोकसभा में चर्चा होगी.

संसदीय कार्य मंत्री प्रियरंजन दासमुंशी ने कहा कि इस मुद्दे पर कम अवधि में एक बहस लोकसभा में बुधवार को हो सकती है.

यह बहस नियम 193 के अंतर्गत होगी जिसमें मतदान नहीं होना है.

चर्चा नंदीग्राम को विशेष आर्थिक ज़ोन बनाने से उपजी समस्याओं से जोड़कर बहस की जाएगी.

प्रधानमंत्री का बयान

इस बीच आसियान बैठक में हिस्सा लेने के लिए सिंगापुर रवाना होते समय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नंदीग्राम की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया और चिंता जताईं.

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियों का कर्तव्य है कि किसी भी राज्य में रहने वाले सभी लोगों को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराए.

मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने प्रधानमंत्री के बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वो इस बयान की भावना और प्रधानमंत्री की चिंताओं को समझते हैं.

उन्होंने कहा, "हमने सभी उपाय किए हैं जो किए जा सकते हैं. मैं उनकी भावना की कद्र करता हूं."

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने नंदीग्राम के मुद्दे पर प्रधानमंत्री से पहले भी बात की है और जो प्रधानमंत्री ने कहा है वो उससे सहमत हैं.

हालांकि स्थानीय नेता बिमान बोस ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधा और कहा कि प्रधानमंत्री को नंदीग्राम के बारे में नहीं सोचना चाहिए क्योंकि पिछले 11 महीनों में भूमि उच्छेद प्रतिरोध समिति की हिंसा में 27 सीपीएम समर्थक मारे गए हैं.

हालांकि बिमान बोस ने नंदीग्राम से बाहर निकले सभी लोगों से वापस आने की अपील भी की और साथ ही यह भी कहा कि जिस तरह प्रधानमंत्री नंदीग्राम को लेकर चिंतित हैं वैसे ही वो भी नंदीग्राम के प्रति चिंतित हैं.