मंगलवार, 20 नवंबर, 2007 को 11:50 GMT तक के समाचार
सलमान रावी
बीबीसी संवाददाता, रांची से
भारतीय जनता पार्टी के एक वरिष्ठ नेता आनंद कच्छप की सोमवार की शाम को की गई हत्या के विरोध में बुलाए गए रांची बंद के दौरान झारखंड की राजधानी में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त रहा.
राज्य के दूसरे हिस्सों में माओवादियों के आह्वान पर बुलाई गए 48 घंटों के बंद की वजह से सोमवार से ही सामान्य ज़िंदगी थमी पड़ी है.
आनंद कच्छप रांची महानगर भारतीय जनता पार्टी के अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष थे.
वे रांची के कोकर इलाके में अपनी दुकान के बाहर खड़े थे तभी अज्ञात हमलावरों नें उन पर नजदीक से गोलियां चलाईं जिस कारण उनकी मौत घटनास्थल पर ही हो गई.
घटना के विरोध में भारतीय जनता पार्टी नें मंगलवार को रांची बंद बुलाया. बंद की वजह से राजधानी में सभी स्कूल, कॉलेज और व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे.
सड़कों पर यातायात भी ठप रहा. पार्टी के कार्यकर्ताओं नें सुबह से ही सड़कों पर उतरकर अपने गुस्से का इजहार किया और जो चंद दुकानें खुली थीं, उन्हें जबरन बंद करवा दिया.
पुलिस का कहना है कि उसने जबरन दुकानें बंद करवा रहे भारतीय जनता पार्टी के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा समेत 200 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है.
गिरफ्तार किए गए लोगों में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पशुपतिनाथ सिंह, विधायक सीपी सिंह शामिल हैं.
रांची के सीनियर एसपी मानविंदर सिंह भाटिया नें कहा कि अब तक हमलावरों की पहचान नहीं की जा सकी है. घटना से भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता काफ़ी नाराज़ हैं.
पूर्व मुख्य मंत्री अर्जुन मुंडा ने बीबीसी से बातचीत के दौरान आरोप लगाया कि वे शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे मगर उन्हें पुलिस नें गिरफ्तार कर लिया.
उन्होंने कहा, "राज्य में अपराधियों का बोल बाला है. अब तो सड़कों पर चलना भी मुश्किल हो गया है. कौन कब मारा जाएगा, कहना मुश्किल है. प्रशासन पर से सरकार की पकड़ खत्म हो गई है."