बुधवार, 21 नवंबर, 2007 को 14:00 GMT तक के समाचार
सुबीर भौमिक
बीबीसी संवाददाता, पश्चिम बंगाल
भारत के पश्चिम बंगाल राज्य में पुलिस का कहना है कि उसने उस व्यक्ति को उग्र भीड़ के ग़ुस्से से बचा लिया है जिस पर आरोप है कि उसने अपनी ही 15 वर्ष की बेटी से ब्याह करके शारीरिक संबंध बना लिए थे.
राज्य के कसियझियोरा गांव की इस घटना में 36 वर्षीय अफ़ज़ुद्दीन अली पर आरोप है कि उसने अपनी ही बेटी से ब्याह कर लिया था.
अफ़ज़ुद्दीन की पाँच संतान हैं जिनमें तीन बेटियाँ हैं.
आरोपों के अनुसार अब उसकी बेटी पांच महीने के गर्भ से है जिसके बाद गांववाले अफ़ज़ुद्दीन से ख़ासे नाराज़ हैं.
आरोप है कि कुछ महीने पहले अली ने अपनी ही सबसे बड़ी बेटी से शादी कर ली और अपनी पत्नी से कहा कि उन्हें इस कार्य के लिए अल्लाह ने अनुमति दी थी.
अफ़ज़ुद्दीन की इस कहानी से उसके गांववाले नाराज़ हैं और उन्होंने अफ़ज़ुद्दीन को मारने की कोशिश की जिसके बाद पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा.
कुछ दिनों पहले जब इस मामले पर ग्रामीण नाराज़ हुए थे तो पुलिस अफ़ज़ुद्दीन और उसकी पत्नी को पकड़ कर ले गई थी और कोर्ट में पेश किया था.
'अल्लाह की अनुमति'
कोर्ट में अफ़ज़ुद्दीन की बीवी सकीना ने जलपाईगुड़ी की एक अदालत में बयान दिया, "उनके पति धार्मिक आदमी हैं और वो कभी भी अल्लाह के नाम पर झूठ नहीं बोल सकते."
सकीना ने कहा कि जब अल्लाह की अनुमति की बात सामने आई तो उसने अपनी बड़ी बेटी के साथ अपने पति को शादी करने की इजाज़त दे दी.
लेकिन गाँव वालों को इस कहानी पर भरोसा नहीं हुआ.
गांव के एक ग्रामीण शेख रमज़ान कहते हैं, "हमें पता ही नहीं था कि उस लड़की की शादी हुई है. जब हमने उसे गर्भवती देखा तो उसकी माँ सकीना से पूछा तब हमें पता चला कि छह महीने पहले उसके पिता ने ही उससे शादी कर ली है. हम तो अफ़ज़ुद्दीन को मार डालना चाहते हैं."
रविवार को उग्र भीड़ ने अफ़ज़ुद्दीन अली पर हमला किया था जिसके बाद उसे पुलिस थाने ले जाया गया.
हालांकि कोर्ट ने अफ़ज़ुद्दीन और उसके परिवारवालों को बरी कर दिया है क्योंकि इनके ख़िलाफ़ कोई आपराधिक मामला नहीं है.
जलपाईगुड़ी की एक अदालत का कहना है कि पुलिस ने अफ़ज़ुद्दीन के ख़िलाफ़ कोई शिकायत दर्ज़ नहीं की है और निचली अदालत आपराधिक मामलों में कोई फ़ैसला नहीं ले सकती इसलिए वो कुछ नहीं कर सके.
उधर गांववाले नाराज़ हैं और उनका कहना है कि 15 वर्ष की नाबालिग लड़की के साथ शारीरिक संबंध बनाने के आरोप में अफ़ज़ुद्दीन के ख़िलाफ़ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.