सोमवार, 19 नवंबर, 2007 को 02:03 GMT तक के समाचार
एक बार फिर तेज़ी से बदले घटनाक्रम में जनता दल- सेक्युलर (जेडीएस) ने कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार को समर्थन नहीं देने का फ़ैसला किया है.
सोमवार को ही विश्वास प्रस्ताव पर मतदान होना है.
मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने भरोसा जताया है कि वो विश्वास मत हासिल कर लेंगे.
जेडीएस विधायक दल की सोमवार सुबह हुई बैठक के बाद एचडी देवगौड़ा ने कहा कि सभी विधायकों को विश्वास मत के ख़िलाफ़ मतदान करने का व्हिप जारी किया गया है.
ताज़ा संकट तब शुरू हुआ जब भाजपा सरकार को समर्थन देने के बदले सहयोगी पार्टी जेडीएस ने नई शर्तें थोप दीं.
रविवार की सुबह तक कर्नाटक का राजनीतिक माहौल शांत था लेकिन दिन में सरगर्मी बढ़ी और जेडीएस विधायक दल की बैठक में विश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करने का फ़ैसला टाल दिया गया.
जेडीएस नेता एचडी देवगौड़ा ने सरकार को समर्थन जारी रखने के बदले मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा से 12 सूत्री सहमति पत्र पर दस्तख़त करने को कहा.
हालाँकि भाजपा ने इन माँगों को सिरे से नकार दिया और कहा है कि विश्वास प्रस्ताव पर मतदान होने के बाद ही कोई चर्चा हो सकती है.
जेडीएस ने खनन जैसे कुछ महत्वपूर्ण मंत्रालय देने और अहम फ़ैसलों से पहले एचडी कुमारस्वामी को विश्वास में लेने की माँग की थी.
इस गतिरोध को दूर करने के लिए रविवार दोपहर कुमारस्वामी और येदियुरप्पा के बीच मुलाक़ात हुई लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका.
दिलचस्प राजनीति
ग़ौरतलब है कि दोनों पार्टियों के बीच पिछले साल शुरू में हुए सत्ता साझीदारी समझौते के तहत जेडीएस नेता कुमारस्वामी को 20 महीनों के लिए मुख्यमंत्री बनाया गया था.
इस वर्ष तीन अक्तूबर को यह अवधि ख़त्म होने पर जेडीएस ने सत्ता हस्तांतरण से इनकार कर दिया था जिसके बाद भाजपा ने सरकार से समर्थन वापस ले लिया और अल्पमत में आने के बाद कुमारस्वामी ने इस्तीफ़ा दे दिया.
तब राज्यपाल की सिफ़ारिश पर कर्नाटक में राष्ट्रपति शासन लगाया गया लेकिन तेज़ी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रम में जेडीएस ने अचानक रूख़ बदला और भाजपा की अगुआई वाली सरकार को समर्थन देने का फ़ैसला किया.
आख़िरकार राष्ट्रपति शासन हटा लिया गया और 12 नवंबर को भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली.
यह किसी दक्षिण भारतीय राज्य में भाजपा की पहली सरकार है.