सोमवार, 19 नवंबर, 2007 को 23:03 GMT तक के समाचार
बांग्लादेश की सेना का कहना है कि पिछले दिनों आए भी तूफ़ान से प्रभावित तीस प्रतिशत इलाक़ों में अभी भी राहत एवं मदद नहीं पहुंच सकी है.
पिछले सप्ताह गुरुवार को आए चक्रवाती तूफ़ान में तीन हज़ार से अधिक लोगों के मारे जाने की ख़बर है. बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव कार्यों के बावजूद अभी भी कई इलाक़े ऐसे हैं जहां कोई राहत या मदद नहीं पहुंच सकी है.
तूफ़ान से प्रभावित तटीय इलाक़ों में कई गांव ऐसे हैं जहां कोई मदद नहीं मिली है.
सेना का कहना है कि मरने वालों की संख्या तीन हज़ार से अधिक है और हज़ारों की संख्या में लोग अभी भी लापता बताए जाते हैं.
अमरीका ने तटीय इलाक़ों में मदद पहुंचाने के लिए अपने दो नौसैनिक जहाज़ भेजे हैं जिसमें कई हेलीकॉप्टर हैं जो राहत एवं बचाव कार्य में मदद कर रहे हैं.
हालांकि पहले अधिकारियों ने कहा था कि देश के उन इलाक़ों में भी सहायता पहुंची है जहां आवागमन के साधन नहीं हैं.
हालांकि ज़मीनी स्तर पर कई स्थानों में लोगों के पास न तो खाने के लिए भोजन है और न ही पीने के लिए साफ पानी.
अब सेना ने स्पष्ट कर दिया है कि तूफ़ान से प्रभावित तीस प्रतिशत इलाक़े अभी भी किसी प्रकार की मदद से महरुम हैं.
अंतरराष्ट्रीय मदद
इस बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने पीड़ित लोगों की मदद के लिए बड़े पैमाने पर पहल की है.
बांग्लादेश के आपदा प्रबंधन मामलों के मंत्री तपन चौधरी ने बीबीसी को बताया कि उनके विभाग को चौदह करोड़ डॉलर की मदद का आश्वासन मिला है.
उन्होंने बताया कि सऊदी अरब ने ही दस करोड़ डॉलर का वायदा किया है जबकि शेष राशि संयुक्त राष्ट्र, अमरीका और यूरोपीय संघ की ओर से आ रही है.
बांग्लादेश में तूफ़ान से मची तबाही के बाद राहत कार्य ज़ोरों पर हैं. सरकार का कहना है कि तूफ़ान प्रभावित दूरदराज़ के इलाक़ों में राहत सामग्री पहुँचने लगी है.
बांग्लादेश में तूफ़ान ने हज़ारों की जान ली है. सरकार ने कहा है कि देश के तटवर्ती इलाक़ों में गुरुवार को आए तूफ़ान में, सेना के अनुसार, कम से कम 3000 लोग मारे गए हैं, हालाँकि ग़ैर सरकारी अनुमानों के अनुसार मरने वालों की तादाद इससे कहीं अधिक हो सकती है.
बताया जा रहा है कि इस तूफ़ान से क़रीब 10 लाख परिवार प्रभावित हुए हैं.
तूफ़ान की विभीषिका के बाद अब विभिन्न एजेंसियां राहत कार्यों में जुट गई हैं. बांग्लादेश सरकार ने इसे 'राष्ट्रीय आपदा' क़रार दिया है.
गुरुवार को बांग्लादेश के तटीय इलाक़ों में 240 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज़ हवाएँ चली थी और समुद्र में कई मीटर ऊँची लहरें उठीं थी.
तूफ़ान से हज़ारों की संख्या में मकान क्षतिग्रस्त हो गए थे और लाखों एकड़ धान की फसल बर्बाद हो गई.
तूफ़ान प्रभावित लाखों लोग अब तंबुओं, चावल और पीने के पानी जैसी मूलभूत ज़रूरतों से जूझ रहे हैं.
बांग्लादेश रेड क्रीसेंट सोसायटी का कहना है कि तूफ़ान में मरने वालों की संख्या 10 हज़ार तक हो सकती है.