शनिवार, 17 नवंबर, 2007 को 19:50 GMT तक के समाचार
रामदत्त त्रिपाठी
बीबीसी संवाददाता, उत्तरप्रदेश
कांग्रेस नेता राहुल गांधी का अपहरण करने की कथित साजिश रचने वाले तीन संदिग्ध पाकिस्तानी चरमपंथियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
शनिवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉक्टर बाल मुकुंद की अदालत ने शुक्रवार को हिरासत में लिए गए तीन संदिग्ध चरमपंथियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया.
पुलिस ने शनिवार को जब इन अभियुक्तों को अदालत में पेश किया तो अदालत परिसर में मौजूद कुछ वकीलों ने ज़बरदस्त हंगामा किया.
पुलिस के अनुसार ये तीनों संदिग्ध चरमपंथी शुक्रवार की सुबह दिल्ली से लखनऊ आते हुए सीतापुर रोड पर एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किए गए थे.
इनके पास से कथित तौर पर भारी मात्रा मे घातक हथियार, गोला-बारूद भी बरामद किया गया था. ये तीनों पाकिस्तान के रहने वाले बताए गए हैं.
अदालत में हंगामा
शनिवार को पुलिस तीनों संदिग्ध चरमपंथियों को कड़ी सुरक्षा में अदालत में पेश करने के लिए ले गई. जैसे ही पुलिस इन्हें लेकर अदालत परिसर में पहुँची, वकीलों की भीड़ ने उन्हें देखते ही दौड़ा लिया.
लगभग दौड़ते हुए पुलिस इन्हें अदालत में ले गई. वकीलों का उग्र रुख देखते हुए पुलिस ने अदालत का दरवाज़ा अंदर से बंद कर लिया.
इसपर वकीलों की भीड़ और उत्तेजित हो गई. ये वकील 'पाकिस्तान मुर्दाबाद' और 'आतंकवाद मुर्दाबाद' के नारे लगा रहे थे. इसके अलावा वकील इन तीनों चरमपंथियों को भद्दी-भद्दी गालियाँ दे रहे थे.
हंगामे से पुलिस प्रशासन की हालत ख़राब हो गई. बड़े पैमाने पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात कर दिया गया. कोर्ट के अंदर किसी तरह रिमांड की कार्यवाही पूरी की गई.
अदालत ने तीनों को 30 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया गया. दोबारा हंगामा न हो इसलिए तीनों चरमपंथियों को देर शाम तक अदालत परिसर मे रखा गया.
शाम को वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भारी पुलिस बल के घेरे में इन्हें जेल ले गई.
संदिग्धों की साजिश
शुक्रवार को पुलिस ने बताया था कि तीनों गिरफ़्तार संदिग्ध हमलावरों का ताल्लुक चरमपंथी संगठन जैशे मोहम्मद से है और ये तीनों पाकिस्तान के लाहौर, मुल्तान और गुजरावाला के रहनेवाले हैं.
बाद में इन संदिग्ध चरमपंथियों ने पत्रकारों से हुई बातचीत में इस बात की पुष्टि भी की कि वे पाकिस्तान के रहने वाले हैं.
उन्होंने पत्रकारों को बताया कि उनका इरादा कांग्रेस महासचिव और सोनिया गांधी के पुत्र राहुल गांधी का अपहरण करने का था. उनका कहना है कि कि इसके बदले वे अपने 42 साथियों की रिहाई की माँग करने वाले थे.
शुक्रवार को हुई एक प्रेस कांफ्रेंस में राज्य के पुलिस महानिदेशक ने बताया था कि इन संदिग्ध चरमपंथियों के पास से दो एके-47 राइफलें, कुछ कारतूस, तीन पिस्तौलें, 16 चाइनीज़ हथगोले और चार किलो संदिग्ध विस्फोटक बरामद किया है.