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शुक्रवार, 16 नवंबर, 2007 को 03:34 GMT तक के समाचार

बेनज़ीर भुट्टो की नज़रबंदी ख़त्म

पाकिस्तान में अधिकारियों ने पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की प्रमुख बेनज़ीर भुट्टो की नज़रबंदी ख़त्म कर दी है.

उन्हें सोमवार की रात लाहौर में अपनी पार्टी के एक नेता के घर पर सात दिनों के लिए नज़रबंद कर दिया गया था.

बेनज़ीर मंगलवार को पाकिस्तान में लागू आपातकाल के विरोध में लाहौर से इस्लामाबाद के लिए एक मार्च निकालने वाली थीं.

उनकी नज़रबंदी को ख़त्म करने का यह निर्णय ऐसे समय पर आया है जब अमरीका के विदेश उपमंत्री जॉन नेग्रोपॉन्टे पाकिस्तान की यात्रा पर पहुँच रहे हैं.

माना जा रहा है कि नेग्रोपॉन्टे की यात्रा जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ पर इमरजेंसी ख़त्म करने के लिए दबाव बनाने के लिए हो रही है.

उधर गुरुवार को पाकिस्तान में राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने संसद के ऊपरी सदन सीनेट के चेयरमैन मोहम्मद मियाँ सूमरो को देश का कार्यवाहक प्रधानमंत्री नियुक्त कर दिया है.

वो नौ जनवरी से पहले होने वाले संसदीय चुनाव तक इस पद पर रहेंगे.

पंद्रह नवंबर से पाकिस्तान की नेशनल असेंबली भंग हो गई है जिसके बाद प्रधानमंत्री शौक़त अज़ीज़ प्रधानमंत्री के पद पर नहीं रह सकते थे इसलिए कार्यवाहक प्रधानमंत्री की नियुक्ति की गई.

विपक्षी दलों ने मोहम्मद मियाँ सूमरो की नियुक्ति के निर्णय का विरोध किया है.

नज़रबंदी का 'खेल'

पिछले सप्ताह भी बेनज़ीर भुट्टो को पाकिस्तान में आपातकाल के विरोध में उनकी पार्टी की ओर से प्रस्तावित रैली के ठीक पहले नज़रबंद कर लिया गया था.

इस रैली के लिए तय तारीख निकल जाने के बाद उनकी नज़रबंदी ख़त्म कर दी गई थी.

आपातकाल लगाए जाने के बाद से कई अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया जा चुका है जिनमें से कुछ अभी भी गिरफ़्त में हैं.

बेनज़ीर को रिहा करने के ताज़ा निर्णय पर पंजाब प्रांत के गृहसचिव खुसरो परवेज़ ने कहा, "बेनज़ीर भुट्टो की नज़रबंदी ख़त्म कर दी गई है, हालांकि सुरक्षा की दृष्टि से उनके घर पर पुलिस सुरक्षा जारी रहेगी."

उनका कहना था, "बेनज़ीर भुट्टो की नज़रबंदी के आदेश उनको रैली में जाने से रोकने के लिए दिए गए थे क्योंकि इसमें आत्मघाती हमलों की आशंका जताई गई थी."

उनका कहना था कि चूंकि अब रैली नहीं हो रही है इसलिए नज़रबंदी हटाई जा रही है.

बेनज़ीर भुट्टो की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी का कोई प्रतिनिधि नज़रबंदी हटाए जाने पर तत्काल टिप्पणी करने के लिए उपलब्ध नहीं हो सका था.

लेकिन समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार अमरीका ने नज़रबंदी हटाने के निर्णय को सकारात्मक क़दम बताते हुए इसका स्वागत किया है.

उधर अमरीका ने पाकिस्तान सरकार से कहा है कि बेनज़ीर के अलावा दूसरे लोगों पर लगाए गए प्रतिबंधों को ख़त्म करने की भी ज़रूरत है.