गुरुवार, 15 नवंबर, 2007 को 19:08 GMT तक के समाचार
फ़ैसल मोहम्मद अली
बीबीसी संवाददाता, मध्य प्रदेश
भोपाल की एक अदालत के आदेश के बाद लोकायुक्त पुलिस ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनकी पत्नी सहित छह लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज किया है.
अदालत ने इन सभी के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के एक मामले में जाँच के आदेश दिए थे.
अदालत ने राज्य के लोकायुक्त को दिए निर्देशों में इस मामले की जाँच रिपोर्ट जल्द से जल्द पेश करने को कहा था.
मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से इस्तीफ़े की माँग की है. लेकिन भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफ़े का सवाल ही नहीं है.
उनका कहना है कि चूंकि इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ने सुनने से इनकार कर दिया था इसलिए पार्टी क़ानूनी मसलों का अध्ययन कर रही है.
मामला
अदालत ने एक याचिका की सुनवाई के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, उनकी पत्नी साधना सिंह और चार अन्य लोगों के ख़िलाफ़ जाँच के आदेश दिए.
दरअसल, मुख्यमंत्री की पत्नी के ख़िलाफ़ हाल ही में फ़र्ज़ी दस्तावेजों के आधार पर वाहन खरीदने का मामला सामने आया था.
इसके बाद विपक्षी पार्टी कांग्रेस समेत अन्य राजनीतिक दलों ने मुख्यमंत्री से इस्तीफ़े की माँग की थी.
विपक्ष की नेता जमुना देवी इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी गईं थीं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका इस आधार पर ख़ारिज़ कर दी थी कि इस मामले की सुनवाई पहले निचली अदालत में होनी चाहिए.
दरअसल, भारतीय जनशक्ति पार्टी के महासचिव प्रहलाद पटेल ने कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूछा था कि रीवा में दो करोड़ की गाड़ियों की ख़रीदार साधना सिंह कौन हैं.
कागजों में साधना सिंह के पति का नाम एसआर सिंह और पता जेपी नगर, रीवा बताया गया था. इसके बाद से ही मुख्यमंत्री पर ग़लत पता देने और सही जानकारी छिपाने का आरोप लग रहा है.
शिवराज सिंह पहले तो इस पूरे मामले में चुप्पी साधे रहे, लेकिन फिर उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में भारी वाहनों को ख़रीदने और फिर बेचे जाने की बात स्वीकार कर ली.
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अगर उनका परिवार व्यवसाय करता है तो इसमें कुछ ग़लत नहीं है.
भाजपा की राज्य इकाई भी पहले इन आरोपों को तथ्यहीन कह रही थी लेकिन अब वह भी मुख्यमंत्री की बातों को ही दोहरा रही है.