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बुधवार, 14 नवंबर, 2007 को 05:34 GMT तक के समाचार

'जहाँ मार्शल लॉ हो, वहाँ कैसे चुनाव?'

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने कहा है कि जब तक बर्ख़ास्त मुख्य न्यायाधीश और अन्य जजों को बहाल नहीं किया जाता, 'तब तक देश में चुनावों की बात न तो सुननी चाहिए और न ही माननी चाहिए.'

महत्वपूर्ण है कि निर्वासित पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने बीबीसी को इंटरव्यू में ऐसा तब कहा है जब मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के इस्तीफ़े की माँग कर चुकी हैं.

जेद्दा से बीबीसी उर्दू सेवा के साथ बातचीत में नवाज़ शरीफ़ ने बनेज़ीर भुट्टो के बयान का स्वागत किया.

लेकिन उनका ये भी कहना था, "जिस देश में इमरजेंसी हो और हक़ीकत में मार्शल लॉ लागू हो, जहाँ राजनीतिक नेता और मानवाधिकार कार्यकर्ता क़ैद हों और चुनाव प्रचार भी न हो सकता हो, उस देश में क्या चुनाव होंगे?"

जब निर्वासित पूर्व प्रधानमंत्री से स्पष्ट पूछा गया कि क्या उनकी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) चुनाव में भाग नहीं लेगी, तो उनका कहना था, "मैं अकेले तो इसका फ़ैसला नहीं ले सकता. ये फ़ैसला सबको मिलकर करना चाहिए. लेकिन जो विचार मैने व्यक्त किए हैं, ऑल पार्टीस डेमोक्रेटिक मूवमेंट के सभी नेता चुनावों के बारे में यही नज़रिया रखते हैं."

उनका दावा था कि उनकी पार्टी के अधिकतर लोग जेल में बंद हैं. उन्होंने ज़ोर देकर कहा, "जनरल मुशर्रफ़ के मुताबिक 55 दिन के बाद चुनाव होने हैं लेकिन चुनाव प्रचार और मीटिंग करने की इजाज़त नहीं है, तो क्या चुनाव होंगे."

नवाज़ शरीफ़ ने आरोप लगाया, "जनरल मुशर्रफ़ ख़ुद ही खेल के नियम बना रहे हैं, ख़ुद ही अंपायर हैं और विपक्ष को उन्होंने रन आउट दे दिया है."

नेग्रोपॉंटे पाकिस्तान जाएँगे

उधर अमरीकी विदेश उपमंत्री जॉन नेग्रोपॉंटे इस हफ़्ते पाकिस्तान का दौरा करेंगे. अमरीकी राष्ट्रपति के कार्यालय ने घोषणा की है.

माना जा रहा है कि वे पाकिस्तानी राष्ट्रपति जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ से मिलेंगे और उनसे इमरजेंसी हटाने के लिए कहेंगे. वे कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाक़ात करेंगे.

बीबीसी संवाददाता के अनुसार फ़िलहाल ये स्पष्ट नहीं है कि वे नज़रबंद की गई पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो से भी मिलेंगे या नहीं.

इमरजेंसी का विरोध कर रहीं विपक्षी नेता बेनज़ीर भुट्टो को सात दिनों के लिए लाहौर में नज़रबंद किया गया है.

मंगलवार को बीबीसी से फ़ोन पर हुई बातचीत में उन्होंने कहा था कि मुशर्रफ़ स्थितियों को समझ पाने और काबू कर पाने में विफल हो गए हैं और अब उन्हें इस्तीफ़ा दे देना चाहिए.