मंगलवार, 13 नवंबर, 2007 को 05:22 GMT तक के समाचार
राम दत्त त्रिपाठी
बीबसी संवाददाता, उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश की मायावती सरकार के वरिष्ठ मंत्री सतीश मिश्र ने सोमवार को मंत्रिमंडल से इस्तीफ़ा दे दिया है.
राज्यपाल टीवी राजेश्वर ने उनका इस्तीफ़ा स्वीकार कर लिया है.
दरअसल, अगर मंत्री बना व्यक्ति राज्य विधानमंडल का सदस्य नहीं है तो मंत्रिमंडल का सदस्य बने रहने के लिए मंत्री पद की शपथ लेने के छह महीने के भीतर राज्य विधानमंडल का सदस्य चुना जाना ज़रूरी होता है.
सतीश मिश्र पिछले छह महीने से राज्य मंत्रिमंडल में शामिल तो थे पर विधानमंडल के सदस्य नहीं बने इसलिए उन्हें मंत्रिमंडल से इस्तीफ़ा देना पड़ा.
सतीश मिश्र राज्यसभा के सदस्य और बसपा के राष्ट्रीय महासचिव हैं.
सतीश मिश्र को मुख्य तौर पर दलितों के जनाधार वाली बहुजन समाज पार्टी यानी बसपा से अगड़ी जातियों ख़ासकर ब्राह्मणों को जोड़ने का श्रेय दिया जाता है.
इस दलित-ब्राह्मण गठजोड़ के चलते ही राज्य के पिछले विधानसभा चुनाव में बसपा को स्पष्ट बहुमत हासिल हुआ और लंबे समय बाद राज्य में एकदलीय सरकार का गठन हुआ.
एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि सतीश मिश्र का मंत्री पद से इस्तीफ़ा राज्यपाल ने स्वीकार कर लिया है.
मुख्यमंत्री मायावती ने उन्हें अगले लोकसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के विस्तार का कामकाज देखने की ज़िम्मेदारी सौंपी है.