सोमवार, 12 नवंबर, 2007 को 13:17 GMT तक के समाचार
भारतीय प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दोनों देशों के व्यापार और आर्थिक सहयोग में प्रगति पर संतोष व्यक्त किया है.
मॉस्को में बातचीत के बाद एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में राष्ट्रपति पुतिन ने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह प्रगति इस बात का सुबूत है कि दोनों देश इस दिशा में जो क़दम उठा रहे हैं वे उचित और सामयिक हैं.
राष्ट्रपति पुतिन ने यह भी कहा कि उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री से परमाणु ऊर्जा इंजीनियरिंग और सैन्य-तकनीक सहयोग के मु्द्दे पर भी बात की.
उन्होंने कहा, "इस मुलाक़ात के दौरान द्विपक्षीय एजेंडा और क्षेत्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग की भी चर्चा हुई. हमारे लिए यह महत्वपूर्ण है कि इस बैठक में सभी प्रमुख क्षेत्रों में दीर्घकालीन सहयोग के मामले में दोनों पक्षों ने अपनी रुचि ज़ाहिर की".
रूसी राष्ट्रपति ने बताया कि दोनों नेताओं ने चरमपंथ और मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में भी सहयोग पर चर्चा की.
इससे पहले भारत और रूस ने परस्पर सहयोग के चार महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं.
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से दो घंटे की मुलाक़ात के बाद इन समझौतों पर हस्ताक्षर किए.
दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने बातचीत के बाद एक साझा संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया जिसमें दोनों ने बातचीत को सार्थक और सकारात्मक बताया.
दोनों देशों के बीच मादक पदार्थों की तस्करी रोकने, अंतरिक्ष, परिवहन और व्यापार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौते हुए हैं.
दोनों देशों के बीच आपसी व्यापार को 2010 तक तिगुना करने पर भी सहमति हुई, अगले दो वर्षों में आपसी व्यापार को बढ़ाकर 10 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखा गया है.
दोनों देशों के बीच होने वाले समझौतों पर होने वाली प्रगति की समीक्षा करने के लिए एक संयुक्त समिति गठित की जाएगी.
पिछले तीन वर्षों में प्रधानमंत्री के रूप में मनमोहन सिंह की यह चौथी रूस यात्रा है, उनके साथ इस यात्रा पर गए वरिष्ठ पत्रकार शशि शेखर का कहना है कि इस यात्रा के दौरान दोनों ओर से काफ़ी गर्मजोशी दिखाई दी.
रूसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने इस मौक़े पर एक बार फिर ज़ोर दिया कि भारत, रूस, चीन और ब्राज़ील को मिल-जुलकर काम करना चाहिए.
पुतिन ने भारत को आश्वासन दिया कि परमाणु और रक्षा क्षेत्र में भारत के साथ ऐतिहासिक तौर पर उसका जो सहयोग रहा है वह जारी रहेगा.