शनिवार, 10 नवंबर, 2007 को 10:19 GMT तक के समाचार
सुबीर भौमिक
बीबीसी संवाददाता, कोलकाता
पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम को लेकर जहाँ राज्यपाल ने राज्यसरकार की आलोचना की है वहीं वाम गठबंधन ने राज्यपाल पर पक्षपात का आरोप लगाया है.
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल गोपाल कृष्ण गाँधी ने राज्य नंदीग्राम में जारी हिंसा न रोक पाने के संदर्भ में राज्य सरकार की आलोचना करते हुए वहाँ की स्थिति को चरम पर बताया है.
इसके जवाब में राज्य में सत्तारूढ़ वाम गठबंधन के प्रमुख बिमान बोस ने कहा है कि राज्यपाल अपनी मर्यादा का उल्लंघन कर रहे हैं.
वामनेता ने राज्यपाल पर पक्षपातपूर्ण रवैया रखने का आरोप भी लगाया है.
उधर जानी-मानी सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर ने नंदीग्राम और उनपर हुए हमले के विरोध में भूख हड़ताल शुरू कर दी है.
आमने-सामने
शुक्रवार की रात जारी बयान में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल गोपाल कृष्ण गांधी ने कहा, "नंदीग्राम में बड़ी संख्या में हथियारबंद लोग मौजूद हैं. हज़ारों ग्रामीण अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं. नंदीग्राम युद्धक्षेत्र में तब्दील हो गया है."
उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, "कोई भी सरकार या समाज ऐसे किसी युद्धक्षेत्र को बने रहने की अनुमति नहीं दे सकती है, वो भी बिना किसी तत्काल और प्रभावी कार्रवाई के."
राज्यपाल ने हिंसा को नियंत्रित कर पाने में राज्य सरकार की असमर्थता और मेधा पाटकर पर हुए हमले की भी निंदा की है.
विपक्षी नेता ममता बनर्जी ने राज्यपाल के इस वक्तव्य का स्वागत करते हुए कहा है कि उन्होंने सही समय पर सही बात कही है.
इसके जवाब में वाम गठबंधन के प्रमुख बिमान बोस ने कहा, "राज्यपाल ने अपनी संवैधानिक सीमा का उल्लंघन किया है. उनका रवैया साफ़ तौर पर पक्षपातपूर्ण है. राज्यपाल के लिए मार्क्सवादी समर्थकों की मौत कोई मायने नहीं रखती. वो तभी बोलते हैं जब किसी और की मौत हो जाए या कोई और घायल हो जाए."
हालांकि जब उनसे पूछा गया कि क्या वे अब राज्यपाल के हटाए जाने की माँग करेंगे तो उन्होंने कहा, "मैं ऐसा नहीं कहूँगा पर इतना ज़रूर कहूँगा कि पश्चिम बंगाल के लोग नहीं चाहते कि राज्यपाल पक्षपात करें."
हमले का विरोध
उधर मेधा पाटकर ने भूख हड़ताल की घोषणा कर दी है.
उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा है कि जबतक उन्हें नंदीग्राम में जाने नहीं दिया जाता है तबतक उनकी भूख हड़ताल जारी रहेगी.
मेधा पाटकर नंदीग्राम जाने का प्रयास कर रही थीं जब गुरुवार को उनपर कथित रूप से हमला होने की घटना सामने आई थी.
पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम में सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर पर कथित हमले की सत्ताधारी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) ने निंदा की थी लेकिन उनके रवैए को 'पक्षपातपूर्ण' बताया था.
नंदीग्राम में पिछले एक सप्ताह से भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रही 'भूमि उच्छेद प्रतिरोध समिति' के समर्थकों और सत्ताधारी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़पों के बाद वहाँ गहरा तनाव बना हुआ है.
दोनों गुटों के बीच हुई हिंसा में पाँच लोगों की मौत हो चुकी है और 30 से ज़्यादा लोग घायल हो गए हैं.