गुरुवार, 08 नवंबर, 2007 को 08:15 GMT तक के समाचार
दक्षिण भारतीय राज्य कर्नाटक में पिछले एक महीने से चल रही राजनीतिक गहमागहमी को ख़त्म करते हुए राष्ट्रपति शासन हटा लिया गया है.
इसके साथ ही दक्षिण भारत में पहली बार भाजपा के मुख्यमंत्री के लिए रास्ता साफ़ हो गया है. वहाँ भाजपा जनता दल (सेक्युलर) के साथ मिलकर सरकार बनाएगी.
कर्नाटक के राज्यपाल रामेश्वर ठाकुर ने अपनी अंतिम रिपोर्ट में भाजपा-जेडीएस गठबंधन को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने की अनुशंसा की थी.
उनकी रिपोर्ट पर विचार के बाद केंद्र सरकार ने राष्ट्रपति शासन हटाने का निर्णय लिया है.
भाजपा ने बीएस येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री बनाने की घोषणा पहले ही कर दी थी.
उल्लेखनीय है कि एचडी देवेगौड़ा के नेतृत्व वाले जनता दल (एस) और भाजपा का गठबंधन सात अक्तूबर तक सत्ता में था. लेकिन समझौते के अनुसार मुख्यमंत्री बदले जाने के विवाद के चलते गठबंधन टूट गया और भाजपा ने सरकार से समर्थन वापस ले लिया.
इसके बाद राज्यपाल रामेश्वर ठाकुर ने वहाँ राष्ट्रपति शासन की सिफ़ारिश कर दी थी.
लेकिन इस बीच राजनीतिक हालात फिर बदल गए और जनता दल (एस) भाजपा को समर्थन देने के लिए तैयार हो गया.
गत 29 अक्तूबर को जेडीएस और भाजपा के 129 विधायक राज्यपाल के सामने पेश हुए थे और उन्हें अपनी बहुमत दिखाकर राष्ट्रपति शासन हटाने की माँग की थी.
इसके बाद छह नवंबर को राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के सामने भाजपा-जेडीएस के नेताओं ने 128 विधायकों की परेड करवाई थी और उनसे राष्ट्रपति शासन ख़त्म करने का अनुऱोध किया था.
भाजपा और जेडीएस के बीच आधे-आधे कार्यकाल के लिए मुख्यमंत्री पद संभालने का समझौता हुआ था जिसके तहत पहले जेडीएस के कुमारस्वामी ने 20 महीने के लिए मुख्यमंत्री का पद संभाला था.
बाद में उन्होंने भाजपा के येदियुरप्पा को पद देने से इनकार कर दिया था.