अमरीका ने संकेत दिए हैं कि पाकिस्तान में जनरल मुशर्रफ़ के आपातकाल लगाने के निर्णय के बावजूद उसे दी जा रही आर्थिक सहायता जारी रहेगी.
पाकिस्तान में आपातकाल लागू है. पिछले सप्ताह शनिवार को पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ ने देशभर में आपातकाल लागू करने की घोषणा कर दी थी.
आपातकाल लगाने की कार्रवाई की दुनिया के कई देशों ने निंदा की थी और कहा था कि पाकिस्तान में लोकतंत्र की तत्काल बहाली की कोशिश की जानी चाहिए.
यहाँ तक कि अमरीका ने भी यह कह दिया था कि पाकिस्तान में आपातकाल लागू किए जाने के बाद अब इस मुद्दे पर पुनर्विचार किया जाएगा कि पाकिस्तान को आर्थिक मदद जारी रखी जाए अथवा नहीं.
पर अब ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि आपातकाल का विरोध करने के बावजूद अमरीका पाकिस्तान को दी जाने वाली आर्थिक सहायता रोकने के पक्ष में नहीं है.
इस बारे में अपना मत रखते हुए अमरीकी उपमंत्री जॉन नेग्रोपॉंटे ने कहा कि अमरीकी प्रशासन ने पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के ताज़ा क़दम की कड़े शब्दों में निंदा की है.
पर साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि 'आतंकवाद के ख़िलाफ़' अमरीकी अभियान में अभी भी पाकिस्तान एक प्रमुख घटक है और इस दिशा में इस्लामाबाद के साथ संबंधों का बने रहना ही एकमात्र विकल्प है.
आपातकाल पर फटकार
उधर ब्रितानी विदेशमंत्री डेविड मिलिबैंड ने कहा है कि परवेज़ मुशर्रफ़ पाकिस्तान में आम चुनाव कराने की एक तय तारीख़ की घोषणा करें.
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पाकिस्तान में मौजूदा स्थितियों में बदलाव नहीं आता है तो पाकिस्तान को कॉमनवेल्थ से निलंबित भी किया जा सकता है.
इससे पहले अमरीकी रक्षा विभाग के मुख्यालय ने पाकिस्तान के परमाणु हथियारों को लेकर चिंता व्यक्त की थी और कहा था कि वाशिंगटन पाकिस्तान की गतिविधियों पर पैनी नज़र रख रहा है.
ग़ौरतलब है कि पाकिस्तान को अमरीका की ओर से कई अरब अमरीकी डॉलर की आर्थिक मदद लगातार दी जाती रही है पर आपातकाल के बाद इसपर पुनर्विचार किया जा रहा था.
अमरीकी विदेश विभाग के मुताबिक पाकिस्तान को दी जाने वाली आर्थिक मदद का एक बड़ा हिस्सा अल क़ायदा और तालेबान चरमपंथियों के ख़िलाफ़ चलाए जा रहे अभियान के लिए दिया जाता है.
अमरीकी राष्ट्रपति की प्राथमिकताओं में आतंक के ख़िलाफ़ अभियान को वरीयता दी गई है और इसी के तहत पाकिस्तान को आर्थिक मदद दी जाती रही है ताकि चरमपंथी ताकतों से निपटने में मदद मिल सके.
पिछले पाँच वर्षों में अमरीका ने पाकिस्तान को लगभग 10 अरब अमरीकी डॉलरों की आर्थिक सहायता मुहैया कराई है.