बुधवार, 07 नवंबर, 2007 को 06:50 GMT तक के समाचार
बेनज़ीर भुट्टो की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी बुधवार को संसद के सामने इमरजेंसी ख़त्म करने और 15 जनवरी तक चुनाव करवाने की माँग को लेकर प्रदर्शन करेगी.
इसके अलावा बेनज़ीर भुट्टो एलायंस फॉर रेस्टोरेशन ऑफ़ डेमोक्रेसी (एआरडी) में शामिल विपक्षी दलों के नेताओं से मिलेंगी और स्थिति का जायज़ा लेते हुए आगे की कार्ययोजना पर चर्चा करेंगी.
हालांकि नवाज़ शरीफ़ की पार्टी मुस्लिम लीग (नवाज़) ने इस बैठक में शामिल होने से इनकार करते हुए कहा है कि जब तक बेनज़ीर भुट्टो जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ से अपने रिश्ते तोड़ देने की घोषणा नहीं कर देती हैं, तब तक उनके साथ नहीं जाया जा सकता.
उल्लेखनीय है कि परवेज़ मुशर्रफ़ के साथ राजनीतिक साझेदारी के कथित समझौते के बाद पाकिस्तान लौटीं बेनज़ीर भुट्टो पहली बार इस्लामाबाद में हैं.
वहाँ उन्हें पूरा प्रोटोकॉल मुहैया करवाया जा रहा है.
प्रदर्शन
पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के प्रवक्ता फ़रहतुल्ला बाबर के अनुसार संसद के बाहर होने वाले प्रदर्शन में पार्टी कार्यकर्ताओं के अलावा पार्टी के सांसद भी शामिल होंगे.
संविधान की बहाली, परवेज़ मुशर्रफ़ के सेनाध्यक्ष के पद से हटने, समय पर चुनाव करवाने, राजनीतिक बंदियों को रिहा करने और प्रेस से प्रतिबंध हटाने की माँगों को लेकर यह प्रदर्शन हो रहा है.
पीपीपी चाहती है कि चुनावों की घोषणा 15 नवंबर तक हो जाए और चुनाव प्रक्रिया 15 जनवरी तक पूरा हो जाए.
इस बीच बेनज़ीर भुट्टो एआरडी के नेताओं से मिलकर राजनीतिक रणनीति तय करने जा रही हैं.
हालांकि पाकिस्तान की दूसरी अहम राजनीतिक पार्टी मुस्लिम लीग (नवाज़) ने इसमें भाग लेने से इनकार कर दिया है.
नवाज़ गुट के शीर्ष नेता एहसन इक़बाल ने बीबीसी से बातचीत में कहा, "बेनज़ीर भुट्टो जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ के साथ सत्ता में साझेदारी चाहती हैं और उनसे संपर्क में हैं. ऐसी सूरत में उनके साथ बातचीत का कोई मतलब नहीं निकलता."