ख़बरों के अनुसार पाकिस्तान में आपातकाल के ख़िलाफ़ कराची हाईकोर्ट के बाहर प्रदर्शन कर रहे वकीलों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया है.
वकीलों का कहना है कि कुछ वकीलों की पिटाई की गई और कुछेक को गिरफ़्तार भी कर लिया गया.
इधर जमाते इस्लामी (लियाक़त बलोच) का कहना है कि रात में छापे मार कर उसके सैकड़ों कार्यकर्ताओं को गिरफ़्तार कर लिया गया.
सिंध हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अख़्तर हुसैन ने समाचार एजेंसी रॉयटर को बताया, '' वकील जब सुबह हाईकोर्ट से निकल रहे थे तो पुलिस ने उन पर लाठियाँ चलाईं.''
इनमें कई को गिरफ़्तार भी कर लिया गया है.
वरिष्ठ वकील अख़्तर हुसैन ने एएफ़पी को बताया कि 'लगभग 50 वकीलों को गिरफ़्तार कर लिया गया और उन्हें पुलिस वाहनों में ले जाया गया.'
एक अन्य वकील मुदस्सिर सईद का कहना था कि पुलिस ने कई वकीलों की बेहरमी से पिटाई की जो रावलपिंडी में अदालत के बाहर सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे.
ग़ौरतलब है कि वकीलों ने आपातकाल के विरोध में सोमवार को देशव्यापी हड़ताल का आह्नान किया है.
स्थिति चिंताजनक
बीबीसी संवाददाता बारबरा प्लेट का कहना है कि इस्लामाबाद से मिल रही ख़बरों के अनुसार सड़कों पर बेहद कम गतिविधियाँ हैं.
जमाते इस्लामी के पकड़-धकड़ के दावे पर सूचना मंत्री तारिक़ अज़ीम का कहना था कि सैकड़ों की गिरफ्तारी के दावे को बढ़ा चढ़ाकर पेश किया जा रहा है.
उधर पाकिस्तान की स्थिति अब चिंताजनक बनी हुई है. कई विपक्षी नेताओं और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को आपातकाल की घोषणा के बाद से गिरफ्तार किया जा चुका है.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शौकत अज़ीज़ ने स्वीकार किया है कि लगभग पाँच सौ लोगों को अभी तक गिरफ़्तार किया जा चुका है.
पाकिस्तान ने अभी तक यह भी स्पष्ट नहीं किया है कि देश में जनवरी, 2008 में संभावित आम चुनाव आपातकाल लगाए जाने के बाद भी अपने निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक ही होंगे या नहीं.
विपक्षी दल, मानवाधिकार संगठनों और कई प्रमुख नेताओं ने राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के इस क़दम की आलोचना की है.