नारायण बारेठ
बीबीसी संवाददाता, जयपुर
राजस्थान में जोधपुर की एक अदालत ने भाजपा के वरिष्ठ नेता जसवंत सिंह और राज्य सरकार के तीन मंत्रियों सहित दस लोगों के ख़िलाफ़ मादक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने का आदेश दिया है.
अदालत ने ये आदेश तब दिया जब एक स्थानीय नागरिक ओमप्रकाश विश्नोई ने आरोप लगाया कि जसवंत सिंह ने बाड़मेर ज़िले में अपने पुश्तैनी गाँव जसौल में आयोजित एक भोज में अफ़ीम का इस्तेमाल किया.
भाजपा नेता जसवंत सिंह ने इन आरोपों को निराधार बताया है.
जसवंत सिंह के बेटे और बाड़मेर से भाजपा सांसद मानवेंद्र सिंह का कहना है कि रियान एक परंपरा है जिसके तहत सुख दुख में लोग एकत्रित होते हैं.
ये खुशी का मौक़ा था जिसमें केवल केसर बांटी गई थी न कि अफ़ीम या कोई अन्य मादक पदार्थ.
विश्नोई के वकील मालम सिंह चौधरी ने बीबीसी को बताया कि जोधपुर की विशिष्ट अदालत (मादक पदार्थ) ने बाड़मेर ज़िले पुलिस को मामला दर्ज कर जाँच करने का आदेश दिया है.
अंदरूनी विवाद
दरअसल राजस्थान में सतारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के असंतुष्ट नेता राज्यसभा में विपक्ष के नेता जसवंत सिंह के पैतृक गाँव बाड़मेर ज़िले के जसौल मे इकट्ठा हुए थे.
इसे पारिवारिक कार्यक्रम और स्नेहभोज का नाम दिया गया था.
पार्टी के इन नेताओं ने हाल ही में भाजपा की राज्य कार्यसमिति की चित्तौड़गढ़ में हुई बैठक का बहिष्कार किया था.
इन नाराज़ नेताओं ने कुछ मंत्रियों को निशाना बनाकर सीधे मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को घेरने का प्रयास किया.
इस मामले को पार्टी की इसी कलह से जोड़कर देखा जा रहा है.
जसौल सीमावर्ती बाड़मेर ज़िले में आता है जहाँ से जसवंत सिंह के पुत्र मानवेंद्र सिंह भाजपा के सांसद हैं.
वे भी अपने इलाक़े मे बाढ़ के बाद राहत की कथित धीमी रफ़्तार के कारण सरकार से नाराज़ हैं.