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बुश ने भी लोकतंत्र बहाल करने को कहा

अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने पाकिस्तान में इमरजेंसी ख़त्म करने की अपील की है. उन्होंने राष्ट्रपति मुशर्रफ़ से वर्दी छोड़ने का अनुरोध भी किया है.

पाकिस्तान में इमरजेंसी लगाए जाने के तीन दिनों के बाद पहली बार अमरीकी राष्ट्रपति ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

उन्होंने राष्ट्रपति मुशर्रफ़ से जल्द से जल्द पाकिस्तान में संसदीय चुनाव कराने और सेना प्रमुख का पद छोड़ने की अपील की.

चुनाव तय कार्यक्रम के मुताबिक

जॉर्ज बुश का कहना था, "हम उम्मीद करते हैं कि वहाँ जल्द से जल्द चुनाव होंगे और राष्ट्रपति सेना की वर्दी उतार देंगे."

बुश ने विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस से कहा है कि वो टेलीफ़ोन पर उनके संदेश से राष्ट्रपति मुशर्रफ़ को अवगत करा दें.

बीबीसी के वॉशिंगटन संवाददाता ब्रजेश उपाध्याय का कहना है कि उम्मीद की जा रही थी कि राष्ट्रपति बुश पाकिस्तान के लिए कड़े शब्दों का प्रयोग करेंगे लेकिन उन्होंने अपना रुख़ नरम ही रखा.

दबाव

अमरीका ने पाकिस्तान के साथ इस हफ़्ते रक्षा सहयोग पर होने वाली बातचीत स्थगित कर दी है और कहा है कि वह पाकिस्तान को दी जाने वाली अरबों डॉलर की सहायता योजना की समीक्षा भी कर रहा है.

ब्रिटेन भी पाकिस्तान को सहायता जारी रखने पर पुनर्विचार कर रहा है. हॉलैंड उसे मिलने वाली सहायता रोकने वाला पहला देश बन गया है.

पाकिस्तान में आपातकाल पर विशेष

उधर यूरोपीय संघ भी आगे क्या नीति अपनाई जाए, इस पर विचार कर रहा है.

हालाँकि सोमवार को राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने इस बात के स्पष्ट संकेत दिए कि वे इतनी जल्दी सेना प्रमुख का पद नहीं छोड़ेंगे.

उन्होंने इस्लामाबाद में विदेशी राजनयिकों से कहा, "एक बार न्यायपालिका, कार्यपालिका और संसद को पटरी पर ले आया जाए तो मैं वर्दी छोड़ दूंगा."

बुश के साथ-साथ अन्य देशों और संयुक्त राष्ट्र की ओर से भी मुशर्रफ़ पर दबाव बढ़ता जा रहा है.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने राष्ट्रपति मुशर्रफ़ से लोकतंत्र की बहाली और इमरजेंसी के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने की माँग की है.

ब्रिटेन ने भी लोकतांत्रिक सरकार बहाल करने की माँग दोहराई है.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शौकत अज़ीज़ ने संसदीय चुनाव कराने की बात तो कही है लेकिन कोई समयसीमा नहीं बताई.

दूसरी ओर पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल मलिक अब्दुल क़यूम ने कहा था कि चुनाव जनवरी के पूर्वार्ध में कराए जाएंगे.

इससे पहले पाकिस्तान के सूचना उपमंत्री तारिक़ अज़ीम ने इस तरह की अटकलों का खंडन किया है कि संसदीय चुनाव तय कार्यक्रम के अनुसार ही कराए जाएँगे.

इमरजेंसी लागू करने के ख़िलाफ़ वकीलों ने पाकिस्तान में विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस ने उन पर लाठी चार्ज किया.

अब तक सैंकड़ों लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है जिनमें विपक्षी दलों ने नेता और मानवाधिकार कार्यकर्ता शामिल हैं.