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रविवार, 04 नवंबर, 2007 को 19:13 GMT तक के समाचार

क़ुरान के अनुवाद पर विवाद

अफ़ग़ानिस्तान में क़ुरान की अनूदित प्रतियाँ छापने वाले एक प्रकाशक को गिरफ़्तार किया गया है.

धार्मिक मामलों के जानकारों का कहना है कि नया संस्करण ग़ैर इस्लामी है.

प्रकाशक ग़ाउज ज़ाल्मे को उस समय गिरफ़्तार किया गया जब वे पाकिस्तान भागने की कोशिश कर रहे थे.

पूर्व पत्रकार ज़ाल्मे अफ़ग़ानिस्तान के अटर्नी जनरल के प्रवक्ता भी हैं.

अफ़ग़ानिस्तान के दो शहरों में दरी भाषा में छपी क़ुरान की प्रतियों को लेकर व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे. दरी अफ़ग़ानिस्तान में बोली जाने वाली दूसरी सबसे बड़ी भाषा है.

उलेमा का कहना है कि क़ुरान के अनूदित संस्करण में शराब, भीख माँगने, समलैंगिकता और शारीरिक संबंधों की ग़लत व्याख्या की गई है.

उनकी शिकायत है कि नए संस्करण में क़ुरान की मूल भाषा अरबी का इस्तेमाल नहीं किया गया है ताकि संदेह होने पर तुलना की जा सके.

इस मुद्दे को लेकर अफ़ग़ानिस्तान की संसद के दोनों सदनों में आपात चर्चा हुई. सीनेटरों ने ज़ाल्मे और अनुवादक के ख़िलाफ़ कार्रवाई की माँग की है.

एक सीनेटर का कहना था कि ज़ाल्मे ने 'सलमान रश्दी से भी ख़राब काम' किया है. दूसरे का कहना था कि ज़ाल्मे को विदेशी सुरक्षा कंपनी का संरक्षण मिला हुआ है.

अफ़ग़ान संसद अभिव्यक्ति की आज़ादी प्रदान करती है लेकिन कई लोगों का मानना है कि आज़ादी की सीमाएँ तय हैं और इसमें क़ुरान की व्याख्या कर उसका अनुवाद करने की इजाज़त नहीं है.