शनिवार, 03 नवंबर, 2007 को 15:09 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान में आपातकाल लागू किए जाने के बाद निर्वासित पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने कहा है कि वे बहुत निराश हैं.
समाचार माध्यमों के अनुसार उन्होंने कहा कि वे इस स्थिति से ख़ुश नहीं हैं और उन्हें लगता है कि पाकिस्तान अव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है.
नवाज़ शरीफ़ का कहना है कि राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने अपने शासन को आगे बढ़ाने के लिए ये क़दम उठाया है.
नवाज़ शरीफ़ का कहना है कि इस स्थिति में अब सभी राजनीतिक दलों को मिलकर बैठना होगा और इस संकट का हल निकालने के प्रयास करने होंगे.
वे मानते हैं कि पाकिस्तान के पिछले साठ साल के इतिहास में इस समय स्थिति सबसे गंभीर है.
आपातकाल, सैन्य शासन का मिश्रण?
समाचार माध्यमों के अनुसार देश की ग़ैर-सरकारी संस्था पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग की अध्यक्ष असमा जहाँगीर ने कहा है यह कोई सामान्य आपातकाल नहीं है.
उनका कहना है कि यदि आपातकाल संविधान के मुताबिक़ लागू होता है तो संविधान को किनारे नहीं किया जा सकता.
पाकिस्तान टीवी पर इंमरजेंसी के ऐलान में न केवल घोषणा की गई कि आपातकाल लागू हो रहा है बल्कि ये भी कहा गया 'अस्थायी संविधान आदेश' लागू किया जा रहा है.
असमा जहाँगीर ने सवाल उठाया है कि क्या ये आपातकाल और मार्शल लॉ यानी सैन्य शासन का मिश्रण है?
उनका तर्क है कि आपातकाल में तो मौलिक अधिकार निलंबित किए जाते हैं लेकिन पूरे संविधान को ही किनारे नहीं कर दिया जाता.