शनिवार, 03 नवंबर, 2007 को 05:28 GMT तक के समाचार
ब्रिटेन के अधिकारियों का कहना है कि ब्रिटिश पुलिस और आव्रजन विभाग ने प्रमुख तमिल विद्रोही नेता कर्नल करुणा को गिरफ़्तार कर लिया है.
अधिकारियों का कहना है कि उन्हें आव्रजन पूछताछ के लिए रोका गया है.
विनायकमूर्ति मुरलीधरन यानी कर्नल करुणा को गिरफ़्तार कर कहाँ ले जाया गया है और उन पर क्या कार्रवाई की जाएगी इस बारे में अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है.
कर्नल करुणा वर्ष 2004 में तमिल विद्रोहियों के संगठन एलटीटीई से अलग हो गए थे और तभी से वे एक अलग गुट का नेतृत्व कर रहे थे.
कहा जाता है कि उन्होंने बाद में श्रीलंका सरकार की सहायता भी की थी.
ब्रिटेन के गृहमंत्रालय से जारी वक्तव्य में कहा गया है कि कर्नल करुणा को नवगठित सीमा और आव्रजन एजेंसी और ब्रिटिश पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद गिरफ़्तार किया गया है.
वक्तव्य में कहा गया है, "वे आव्रजन पूछताछ के लिए रोके गए हैं और इससे अधिक जानकारी उपयुक्त नहीं होगा."
उल्लेखनीय है कि तमिल विद्रोही श्रीलंका के उत्तरी भाग के बड़े हिस्से पर नियंत्रण बनाए हुए हैं.
माना जाता है कि 2004 में इस संगठन में जो टूट हुई उसके पीछे श्रीलंका के पूर्वी हिस्से में विद्रोहियों को मिली हार थी.
कर्नल करुणा का कहना था कि उन्होंने संगठन इसलिए छोड़ दिया क्योंकि उनकी तरह बहुत से लड़ाके देश के पूर्वी हिस्से में अपनी जान गँवा रहे थे जबकि संगठन पर कब्जा उत्तरी हिस्से में काम कर रहे लड़ाकों का था.
हालांकि एलटीटीई में रहते हुए पूर्वी भाग के कमांडर के रुप में उनके नीचे हज़ारों लड़ाकों की फ़ौज थी लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि संगठन से अलग होने के बाद उनके साथ कुछ सौ लोग ही थे.
एलटीटीई के लोगों ने हमेशा यह आरोप लगाया कि सरकार कर्नल करुणा को बचा रही है.
कर्नल करुणा और सरकार दोनों इन आरोपों का खंडन करते हैं.