शनिवार, 03 नवंबर, 2007 को 15:49 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान में आपातकाल लागू होने की घोषणा के बाद भारत ने अफ़सोस ज़ाहिर किया है कि पाकिस्तान एक मुश्किल दौर से गुज़र रहा है.
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना ने एक बयान में कहा है, "भारत को उम्मीद है कि स्थिति जल्द सामान्य होगी जिससे पाकिस्तान में स्थिरता कायम हो सकेगी और लोकतंत्र फिर आगे बढ़ सकेगा."
भारत के विदेश राज्य मंत्री आनंद शर्मा ने भी समाचार एजेंसियों के साथ बातचीत में कहा है कि उन्हें आशा है कि पाकिस्तान में हालात जल्द सामान्य हो जाएँगे.
भाजपा, वाम की तीख़ी प्रतिक्रिया
उधर भारत के प्रमुख राजनीतिक दलों - भारतीय जनता पार्टी और वाम दलों ने आपातकाल लागू किए जाने की निंदा की है जबकि कांग्रेस ने उम्मीद ज़ाहिर की है कि जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी.
समाचार एजेंसियों के अनुसार विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने आपातकाल लागू किए जाने के फ़ैसले की कड़ी निंदा करते हुए इच्छा ज़ाहिर की है कि भारत राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ पर लोकतंत्र बहाल करने के लिए दबाव डाले.
भाजपा प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी का कहना था, "मुशर्रफ़ ने अपने तानाशाह के असल रंग दिखा दिए हैं. भारत सरकार को इसकी कड़े शब्दों में निंदा करनी चाहिए और साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मिलकर मुशर्रफ़ पर लोकतंत्र बहाल करने के लिए दबाव बनाना चाहिए."
उधर वाम दलों ने इस कदम को लोकतंत्र के लिए एक धक्का बताया है और ये भी कहा है कि ये पूर्वनियोजित कदम था ताकि राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट के संभावित फ़ैसले को रोका जा सके.
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव प्रकाश कारत ने कहा, "पाकिस्तान की जनता ऐसे किसी भी अलोकतांत्रिक कदम का समर्थन नहीं करेगी."
सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी के मीडिया विभाग के अध्यक्ष वीरप्पा मोइली का कहना था, "पाकिस्तान मुश्किल दौर से गुज़र रहा है और ये चिंता का कारण है. हमें उम्मीद है कि ये उथल-पुथल जल्द ही ख़त्म होगी और सामान्य स्थिति कायम होगी. ये अस्थायी कदम ही होना चाहिए."