शनिवार, 03 नवंबर, 2007 को 23:21 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान में इमरजेंसी लागू होते ही राष्ट्रपति जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ ने मुख्य न्यायाधीश इफ़्तिख़ार मोहम्मद चौधरी को बर्ख़ास्त कर इस पद की ज़िम्मेदारी जस्टिस अब्दुल हमीद डोगर को सौंपी है.
वे राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के शासनकाल में दूसरे ऐसे मुख्य न्यायाधीश बने हैं जिन्होंने मूल संविधान के स्थगित रहते शपथ ग्रहण किया है.
जस्टिस डोगर का संबंध सिंध प्रांत के खीरपोर ज़िले से है. पीपुल्स पार्टी की सरकार में वो सिंध हाईकोर्ट के जज बनाए गए थे.
उन्हें अप्रैल 2000 में सुप्रीम कोर्ट में जज नियुक्त किया गया था जब सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सईद अलज़मान सिद्दीकी समेत छह न्यायाधीशों ने अंतरिम संविधान के तहत शपथ लेने से इनकार कर दिया था.
जस्टिस डोगर सुप्रीम कोर्ट की उस पीठ के सदस्य रहे थे जिसने जनरल मुशर्रफ़ के सत्ता पर काबिज होने को जायज़ ठहराया था.
उनकी गिनती सुप्रीम कोर्ट के उन जजों में से होती है जिनसे सरकार को कभी परेशानी महसूस नहीं हुई.
वो उस सर्वोच्च न्यायिक परिषद के सदस्य भी थे जिसके पास मुख्य न्यायाधीश इफ़्तिख़ार चौधरी की शिकायत जाँच के लिए भेजी गई थी.
जस्टिस अब्दुल हमीद डोगर सुप्रीम कोर्ट की वरीयता सूची में चौथे नंबर पर थे.
लेकिन मुख्य न्यायाधीश इफ़्तिख़ार मोहम्मद चौधरी, जस्टिस राणा भगवान दास और जस्टिस जावेद इक़बाल को सुप्रीम कोर्ट से निकाले जाने के बाद वो सबसे वरिष्ठ हो गए और इस तरह मुख्य न्यायाधीश बना दिए गए.