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शुक्रवार, 02 नवंबर, 2007 को 16:52 GMT तक के समाचार

मणिकांत ठाकुर
बीबीसी संवाददाता, पटना

बिहार बंद का आंशिक असर

पत्रकारों पर हमले के विरोध में शुक्रवार को बिहार बंद का आंशिक असर पड़ा है. बंद का आह्वान राष्ट्रीय जनता दल और अन्य विपक्षी पार्टियों ने किया था.

राजधानी पटना में राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकर्ताओं ने कई जगह प्रदर्शन किया. कुछ दूकानें भी बंद थी लेकिन कुल मिलाकर बंद का आंशिक असर ही पड़ा.

उल्लेखनीय है कि बुधवार को सत्तारूढ़ जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक अनंत सिंह के घर ख़बर लेने गए दो पत्रकारों की बुरी तरह पिटाई हुई थी. बाद में उनके घर के सामने इकट्ठे हुए पत्रकारों को भी पीटा गया था.

पुलिस ने अनंत सिंह और उनके चार समर्थकों को गिरफ़्तार कर 14 दिनों के न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पत्रकारों को भरोसा दिलाया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच कराई जाएगी.

उन्होंने उस युवती रेशमा की हत्या की जाँच सीबीआई से करवाने के आदेश दे दिए हैं जिसके कारण यह विवाद शुरु हुआ.

बंद

पत्रकारों की पिटाई पर तुरंत राजनीतिक कार्रवाई करते हुए नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी ने बिहार बंद का आव्हान कर दिया था. बाद में दूसरे राजनीतिक दलों ने भी इसमें साथ देने की हामी भरी.

शुक्रवार को स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं लेकिन आवश्यक सेवाओं को बंद के दायरे से बाहर रखने का निर्णय लिया गया है, जिसमें रेलवे भी शामिल है.

आरजेडी और एलजेपी के कार्यकर्ता पटना में जगह-जगह प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्होंने रास्ते जाम कर दिए हैं.

दूसरे शहरों से पटना पहुँचने वाली सड़कों को जाम कर दिया गया है. वैशाली से पटना को जोड़ने वाले गाँधी सेतु पर भी यातायात रोक दिया गया है.

उधर मुज़फ़्फ़रपुर में भी कई जगह प्रदर्शन और रास्ता रोकने की ख़बरें हैं.

पुलिस प्रदर्शनकारियों को सड़कों से हटाने के प्रयास कर रही है और प्रदर्शनकारियों को पुलिस गाड़ियों में भरकर ले जाया जा रहा है.

मामला

लगभग एक माह पहले प्रशासन को एक पत्र मिला था जिसमें रेशमा नाम की लड़की ने लिखा था कि सत्तारूढ़ पार्टी जनता दल-यू के बाहुबली विधायक अनंत सिंह और उनके सहयोगियों ने उसका शारीरिक शोषण किया है और उसकी हत्या की जा सकती है.

इसी बीच पटना में बोरे से एक लड़की का शव बरामद किया गया. आशंका जताई जा रही है कि शव रेशमा का ही है.

जब इस मामले में कुछ पत्रकारों ने गुरुवार को अनंत सिंह से बात करने की कोशिश की तो उनके साथ मारपीट की गई.

इस मामले में विधायक और उनके चार सहयोगियों को गिरफ़्तार कर लिया गया है. उन्हें स्थानीय अदालत में पेश करने के बाद बेऊर जेल भेज दिया गया है.

इस मारपीट में घायल तीन पत्रकारों को अस्पताल में भर्ती किया गया है जिनमें से एक एनडीटीवी के कैमरामैन की हालत गंभीर बताई गई है.

मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के क़रीबी लोगों में से एक माने जाते हैं.