गुरुवार, 01 नवंबर, 2007 को 18:27 GMT तक के समाचार
सुबीर भौमिक
बीबीसी संवाददाता, कोलकाता
भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम में अलगाववादी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ़्रंट ऑफ़ असम (अल्फ़ा) के 66 सदस्यों ने गुरुवार को गुवाहाटी में आत्मसमर्पण कर दिया.
इसमें अल्फ़ा के बड़े नेता उज्जल गोहाइन भी शामिल हैं जो इस अलगाववादी संगठन की 28वीं बटालियन के इंचार्ज माने जाते हैं.
उन्होंने असम के पुलिस महानिदेशक आरएन माथुर और सेना के लेफ़्टिनेंट जनरल बीएस जसवाल के सामने आत्मसमर्पण किया.
आत्मसमर्पण के बाद अल्फ़ा नेता उज्जल गोहाइन का कहना था कि अल्फ़ा के लड़ाके परेशान हैं क्योंकि आंदोलन की दिशा स्पष्ट नहीं है.
उनका कहना था कि इस तरह के और भी आत्मसमर्पण हो सकते हैं.
'बड़ी कामयाबी'
सुरक्षाबल इसे बड़ी कामयाबी मान रहे हैं. उनका कहना है कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान हुआ ये सबसे बड़ा आत्मसमर्पण है.
असम के गुप्तचर विभाग के प्रमुख खगेन सरमा का कहना था कि जब तक अल्फ़ा की सरकार के साथ बातचीत चल रही थी तब तक सदस्यों को ये उम्मीद थी कि केंद्र सरकार के साथ समझौता हो जाएगा. लेकिन ये बातचीत टूट गई और अल्फ़ा फिर हिंसात्मक कार्रवाई पर उतर आया तो उसके सदस्यों का भ्रम टूट गया.
खगेन सरमा ने अल्फ़ा के और सदस्यों के आत्मसमर्पण की उम्मीद जताई.
उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह अल्फ़ा के 33 सदस्यों ने आत्मसमर्पण किया था.
अल्फ़ा और केंद्र सरकार के बीच संघर्ष विराम पिछले साल सामप्त हो गया था. इसके बाद से पूर्वोत्तर में हिंसा जारी है
अल्फ़ा 1979 से ही असम को 'आज़ाद' कराने के लिए हिंसक गतिविधियाँ चला रहा है.