बुधवार, 31 अक्तूबर, 2007 को 04:44 GMT तक के समाचार
भारतीय जनता पार्टी के नेता प्रमोद महाजन की हत्या के मामले की अब खुली सुनवाई नहीं होगी और आगे की कार्रवाई कैमरे के सामने होगी.
ख़ासकर गवाह की तरह और अभियुक्त की तरह मुख्य अभियुक्त प्रवीण महाजन के बयान इसी तरह से दर्ज किए जाएँगे.
मंगलवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान प्रवीण महाजन ने एक गंभीर आरोप लगाया. इसके बाद अभियोजन पक्ष के वकील नितिन प्रधान ने अदालत से बंद कमरे में सुनवाई की अपील की.
इस अपील को न्यायाधीश एसपी दावरे ने स्वीकार कर लिया और इस मामले से मीडिया को दूर रहने की सलाह दी.
समाचार एजेंसी पीटीआई का कहना है कि प्रवीण महाजन ने अपने दिवंगत भाई के चरित्र को लेकर कोई टिप्पणी की थी.
अभियोजन पक्ष के वकील प्रधान का तर्क था कि प्रवीण महाजन जिस तरह के आरोप लगा रहे हैं, उससे इस मामले से जुड़े दोनों परिवारों के लोगों की अवमानना हो सकती है.
उनका कहना था कि सबसे बड़ा बात यह है कि जो आरोप लगाए जा रहे हैं वे प्रमोद महाजन पर हैं, जो इनका जवाब देने के लिए दुनिया में नहीं हैं.
इस पर बचाव पक्ष के वकील हर्षद पोंडा का कहना था कि प्रवीण महाजन जो भी बयान दे रहे हैं वह अहम है और इसे दर्ज करना ज़रूरी है.
इसके बाद न्यायाधीश ने आगे का बयान कैमरे में दर्ज करने का फ़ैसला दिया.
इससे पहले प्रणीण महाजन की ओर से तर्क दिया गया कि जिन लोगों की भी गवाही हूई है, उनमें से कोई भी उस कमरे में नहीं था जहाँ वे अपने भाई के साथ थे.
समाचार एजेंसी यूएनआई के अनुसार प्रवीण महाजन ने यह तो माना कि जिस हथियार से गोली चली वह उनका है लेकिन उन्होंने इस बात से इनकार किया कि गोली उन्होंने चलाई है.