मंगलवार, 30 अक्तूबर, 2007 को 11:46 GMT तक के समाचार
उमर फ़ारूक
बीबीसी संवाददाता, हैदराबाद
भारत के दक्षिणी राज्य आंध्र प्रदेश के तटवर्ती हिस्सों में हो रही भारी वर्षा और बाढ़ की वजह से पिछले दो दिनों में 17 लोग मारे गए हैं और तीन व्यक्ति लापता हैं. हज़ारों लोग बेघर भी हो गए हैं.
राज्य के राजस्व मंत्री धर्मणा प्रसाद राव ने मंगलवार को राजधानी हैदराबाद में संवाददाताओं को बताया कि बाढ़ पीड़ितों के लिए 47 राहत शिविर शुरू किए गए हैं और निचले स्थानों में रह रहे क़रीब 33 हज़ार लोगों को इन शिविरों में ठहराया गया है.
मंत्री मंत्री धर्मणा प्रसाद राव ने कहा, "कदपा ज़िले में सोमवार से बाढ़ में फंसी बस से 18 यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया है. दो यात्री और बचाव दल के तीन सदस्यों की मौत हुई है जबकि तीन अन्य लापता हैं."
राज्य परिवहन निगम की एक बस सोमवार को पेरलावागु नामक बरसाती नाले के तेज़ बहाव की चपेट में आ गई थी.
प्रशासन ने बचाव कार्य के लिए बंगलौर से भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों को बुलाया था लेकिन ख़राब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर बचाव अभियान में शामिल नहीं हो सके.
मौसम ठीक होने पर हेलीकॉप्टरों ने मंगलवार सुबह राहत अभियान फिर से शुरू किया.
इससे पूर्व नेल्लोर ज़िले में वर्षा और बाढ़ से संबंधित हादसों में 14 लोग मारे गए थे. नेदुपेटा के निकट तीन लोग उस समय बह गए जब उनका वाहन एक उफनती बरसाती नदी में फंस गया.
बाढ़ का सबसे ज़्यादा असर नेल्लोर, प्रकासम, कदपा और चित्तूर ज़िलों में हुआ है.
बड़ी संख्या में तटबंध या तो टूट गए हैं या फिर इन्हें भारी नुक़सान पहुँचा है. भारी वर्षा के कारण सामान्य जनजीवन पर भी असर पड़ा है और रेल और सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है.
इस बीच राज्य सरकार ने बाढ़ में मरने वालों के आश्रितों को एक-एक लाख रुपए का मुआवज़ा देने की घोषणा की है.
उधर, विशाखापत्तनम स्थित चक्रवात चेतावनी केंद्र ने कहा है कि निचले दबाव का क्षेत्र अब भी चेन्नई और नेल्लोर के बीच बना हुआ है और राज्य के तटवर्ती इलाक़ों में भारी बारिश हो सकती है.
मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है.