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सोमवार, 29 अक्तूबर, 2007 को 19:08 GMT तक के समाचार

कर्नाटक: राज्यपाल के समक्ष विधायक पेश

कर्नाटक में सरकार बनाने के अपने दावे के पक्ष में भाजपा और जनता दल-सेक्यूलर के नेताओं ने राज्यपाल रामेश्वर ठाकुर के समक्ष 129 विधायकों को पेश किया.

भाजपा और जनता दल-एस नेताओं का कहना था कि 129 विधायक राज्यपाल के सामने पेश हुए.

इसके अलावा दोनों दलों के विधायकों की संयुक्त बैठक में भाजपा नेता येदीयुरप्पा को विधायक दल का नेता चुन लिया गया.

राजभवन के बाहर पत्रकारों से बातचीत में कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष डीवी सदानंद और जनता दल-एस की राज्य इकाई के अध्यक्ष मेराजुद्दीन पटेल ने कहा,'' हमने 129 विधायकों को राज्यपाल के सामने पेश किया जबकि सरकार बनाने के लिए 113 विधायकों के समर्थन की आवश्कता है.''

उनका कहना था,'' साथ ही हमने बीएस येदीयुरप्पा को संयुक्त विधायक दल का नेता चुने जाने के प्रस्ताव की प्रति राज्यपाल को सौंपी है.''

जनता दल-एस नेता एचडी कुमारस्वामी ने उम्मीद जताई कि राज्यपाल येदीयुरप्पा को 24 घंटे की भीतर सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करेंगे.

दूसरी ओर जनता दल-एस के बाग़ी नेता एमपी प्रकाश ने इस गठजोड़ का विरोध जारी रखा है.

कांग्रेस की मांग

इधर कांग्रेस ने केंद्र सरकार से कर्नाटक में विधानसभा भंग कर वहाँ नए चुनाव कराने की मांग की है.

पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस समय कर्नाटक में राजनीतिक धारावाहिक चल रहा है.

उनका कहना था कि भाजपा और जनता दल-एस कभी एक-दूसरे को गालियाँ देते हैं और कुछ ही समय बाद मिलकर सरकार चलाने की बात करते हैं इसलिए वहाँ विधानसभा भंग कर नए चुनाव कराए जाने चाहिए.

सिंघवी ने कहा कि कुछ ही दिन पहले जनता दल-एस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एच डी देवगौड़ा ने कर्नाटक के राज्यपाल को एक पत्र लिखकर यह कहा था कि आज के हालात में कर्नाटक में दोबारा विधानसभा चुनाव कराना ही सबसे बेहतर विकल्प होगा.

उन्होंने कहा कि ऐसी ही बात भाजपा ने भी की थी. लेकिन अब यह समझ में नहीं आता है कि ये दोनों दल चुनाव से क्यों घबरा रहे हैं.

इधर सरकार का दावा पेश करने के बावजूद राजभवन से संदेश न आने से भाजपा ने राज्यपाल पर ही सवाल खड़े किए हैं.

भाजपा के पूर्व अध्यक्ष वेंकैया नायडू का कहना था,'' कर्नाटक में बीएस येदीयुरप्पा के सरकार बनाने का दावा पेश करने के 72 घंटे बीत जाने के बाद भी राज्यपाल रामेश्वर ठाकुर इसका फ़ैसला करने में विलंब क्यों कर रहे हैं?''

उनका कहना था,'' क्या इसके पीछे कोई राजनीतिक दबाव पड़ रहा है.''

वैंकया ने आरोप लगाया कि कांग्रेस येदीयुरप्पा को सरकार बनाने से रोकने के लिए बाधा डाल रही है.