http://www.bbcchindi.com

शनिवार, 27 अक्तूबर, 2007 को 10:17 GMT तक के समाचार

अविनाश दत्त
बीबीसी संवाददाता, दिल्ली

नक्सलवाद राजनीतिक समस्या है: मरांडी

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी अपने पुत्र और 17 अन्य लोगों की माओवादी हमले में हुई हत्या के लिए किसी व्यक्ति विशेष को ज़िम्मेदार नहीं मानते. लेकिन वो कहते हैं की यूपीए सरकार में उग्रवाद को समाप्त करने की इच्छाशक्ति नहीं है.

झारखंड के गिरिडीह से 80 किलोमीटर दूर चिलकारी गाँव से फ़ोन पर बीबीसी से बात करते हुए मरांडी ने एक बार फिर कहा कि माओवाद दरअसल एक राजनीतिक समस्या है.

इसी गाँव में शुक्रवार देर रात एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान हुए हमले में 18 लोग मारे गए.

मरांडी का कहना था, "हाँ मैं अपने पुत्र की हत्या के बाद भी कहता हूँ की यह एक राजनीतिक समस्या है. पूरी दुनिया जानती है की ये माओवादी बंदूक के दम पर राज्य और देश की सत्ता पर काबिज होना चाहते हैं. इन उग्रवादियों का आधार ग़रीब और विकासविहीन इलाक़े ही होते हैं. इसलिए मैं बार-बार कहता हूँ सरकार की इच्छाशक्ति के बिना न विकास हो सकता है न उग्रवादियों के ख़िलाफ़ कठोर कार्रवाई."

मरांडी बेझिझक ये कहते हैं की उनके मुख्यमंत्री रहते भी हत्याएँ हुईं थी. लेकिन वे यह दावा करते हैं की उस समय उनकी सरकार ने माओवादियों पर बहुत ज़्यादा दबाव बना दिया था और गिरिडीह समेत कई जगह माओवादियों ने आत्मसमर्पण किए थे.

आदिवासी नेता मरांडी का आरोप है कि न केवल सरकार में इच्छाशक्ति की कमी है बल्कि सरकर में बैठे कई लोग चुनाव जीतने के लिए माओवादियों की मदद भी लेते हैं.

अपने बेटे अनूप के साथ मारे गए सत्रह अन्य लोगों के बारे में मरांडी कहते हैं कि सरकार तो घोषित नीति के अनुसार मृतकों के घरवालो को सुविधाएँ देगी ही और अगर ऐसा नहीं हुआ तो वे संघर्ष करेंगे.

पर साथ ही मरांडी कहते हैं, "मुआवज़ा कोई समाधान नहीं हैं ज़रूरत है समस्या को खत्म करने कि वरना लोग मारे जाते रहेंगे".