गुरुवार, 25 अक्तूबर, 2007 को 11:49 GMT तक के समाचार
भारत में केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने सिरसा स्थित आध्यात्मिक संगठन डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख बाबा गुरमीत राम रहीम सिंह को हत्या और बलात्कार के मामले में नियमित जमानत दे दी.
अब अदालत ने उन्हें पेशी के लिए 27 अक्टूबर को बुलाया है. इससे पूर्व अंबाला की इसी अदालत ने उन्हें इन मामलों में अंतरिम जमानत दी थी.
डेरा प्रमुख की नियमित जमानत याचिका पर सोमवार को जिरह पूरी होने के बाद न्यायाधीश आरके सैनी ने गुरुवार तक के लिए अपना फ़ैसला सुरक्षित रख लिया था.
सीबीआई ने बाबा राम रहीम के नियमित जमानत के अनुरोध का विरोध किया था और अंतरिम राहत रद्द करने की माँग की थी. सीबीआई का आरोप है कि वह गवाहों को धमका रहे हैं.
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने भी 3 अक्टूबर को डेरा प्रमुख की अंतरिम ज़मानत रद्द किए जाने की अपील ठुकरा दी थी.
मामले
सीबीआई ने डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख बाबा गुरमीत राम रहीम सिंह के ख़िलाफ़ तीन मामलों में आरोप दायर किए हैं.
दो मामले डेरा प्रबंधक रंजीत सिंह और सिरसा के एक पत्रकार राम चंदर की हत्या से जुड़े हैं और तीसरा मामला एक शिष्या के कथित बलात्कार का है.
डेरा सच्चा सौदा एक आध्यात्मिक संगठन है, जिसकी स्थापना 1948 में तब के संयुक्त पंजाब और आज के हरियाणा के सिरसा में की गई थी. बाबा गुरमीत राम रहीम सिंह इसके प्रमुख हैं.
इन मामलों के अलावा भी हाल में डेरा सच्चा सौदा संगठन और उसके प्रमुख काफ़ी विवाद में रहे थे.
गुरमीत राम रहीम को कथित रूप से एक विज्ञापन में सिखों के 10वें गुरु गोविंद सिंह की वेशभूषा में दिखाया गया था जिससे सिख समुदाय में भारी नाराज़गी थी.
इसके बाद सिख समुदाय के लोगों और डेरा सच्चा सौदा समर्थकों के बीच राज्य के कुछ स्थानों पर हिंसक झड़पें हुईं थीं.
बाद में बाबा गुरमीत राम रहीम सिंह ने गुरु गोविंद सिंह से माफ़ी मांगी थी और बयान में कहा था कि गुरु गोविंद सिंह के जैसा दिखने या उनकी नकल करने की उनकी कोई मंशा नहीं थी.