गुरुवार, 25 अक्तूबर, 2007 को 10:52 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो के काफ़िले पर हुए आत्मघाती हमले की जाँच के लिए एक नए अधिकारी को नियुक्त किया गया है.
कराची के पुलिस उप महानिरीक्षक (आपराधिक जाँच विभाग) सऊद मिर्ज़ा अब आत्मघाती हमले की जाँच का नेतृत्व करेंगे. इस हमले की जाँच पाँच सदस्यीय टीम कर रही है.
बेनज़ीर भुट्टो ने दावा किया था कि आठ साल पहले जब पुलिस ने उनके पति आसिफ़ ज़रदारी को वर्ष 1999 में प्रताड़ित किया था तो वहाँ मंज़ूर मुग़ल मौजूद थे. पहले मंज़ूर मुग़ल ही इस आत्मघाती हमले की जाँच कर रहे थे.
ज़रदारी उस समय भ्रष्टाचार के मामलों में हिरासत में थे. 18 अक्तूबर को बेनज़ीर के काफ़िले पर हुए आत्मघाती हमले में 135 से ज़्यादा लोग मारे गए थे और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे.
बेनज़ीर भुट्टो को अब कड़ी सुरक्षा दी गई है. लेकिन उन्होंने कहा है कि वे पाकिस्तान छोड़कर नहीं जाएँगी. पाकिस्तान में जनवरी में आम चुनाव होने वाले हैं.
सिंध के गृह सचिव ग़ुलाम मोहम्मद मोहतरम ने बताया कि नए जाँच अधिकारी सऊद मिर्ज़ा ने अपना काम शुरू भी कर दिया है. अभी तक इस मामले में 16 लोगों से पूछताछ हो चुकी है.
आरोप
हालाँकि इस मामले में किसी की गिरफ़्तारी नहीं हुई है. लेकिन ग़ुलाम मोहम्मद मोहतरम का दावा है कि जाँच की प्रगति अच्छी है.
पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के बयान के बाद पहले आत्मघाती हमले की जाँच कर रहे मंज़ूर मुग़ल को हटा दिया गया था.
इससे पहले बेनज़ीर भुट्टो और उनकी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के उनके समर्थक आरोप लगा चुके हैं कि इस विस्फोट के पीछे पाकिस्तान सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के लोग भी थे.
सरकार बेनज़ीर भुट्टो की इस माँग को ख़ारिज कर चुकी है कि विस्फोट की जाँच में अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की सहायता ली जाए.
सिंध के गृहसचिव का कहना है कि उन्हें मंज़ूर मुग़ल की क़ाबिलियत और ईमानदारी पर शक नहीं है.
उनका कहना था कि यह निर्णय सिर्फ़ इसलिए किया गया है ताकि जाँच पर पक्षपात के आरोप न लगें.