बुधवार, 24 अक्तूबर, 2007 को 16:41 GMT तक के समाचार
श्रीलंका के प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया है कि तमिल विद्रोहियों ने अनुराधापुरा वायुसेना अड्डे पर सोमवार को हवाई हमला बोलकर श्रीलंका वायुसेना के आठ जहाज़ों को तबाह कर दिया था.
इन जहाज़ों में ख़ुफ़िया जानकारी जुटाने वाला जहाज़ भी था.
पहले वायुसेना के अधिकारी बार-बार कह रहे थे कि सिर्फ़ दो जहाज़ों को नुक़सान पहुँचा है.
इस हमले में तीस से ज़्यादा लोग मारे गए थे.
कोलंबो से संवाददाताओं ने कहा है कि हमले के इतने दिनों बाद सरकार ने जिस तरह आठ हवाई जहाज़ों के बर्बाद होने की बात स्वीकार की है उससे विपक्ष काफी नाराज़ है.
विश्वसनीयता
विपक्ष का कहना है कि सरकार ऐसे मामलों में झूठ का सहारा लेती है.
आलोचकों का कहना है कि इस घटना के बाद सरकार की छवि और ख़राब हुई है.
उस पर पहले भी आरोप लगते रहे हैं कि तमिल छापामारों के हमले में होने वाले नुक़सान को छिपाने की कोशिश की जाती है.
इसके अलावा सरकार पर तमिल विद्रोहियों से निपटने में होने वाले आर्थिक नुकसान को भी छिपाने का आरोप लगता है.
लेकिन श्रीलंका के प्रधानमंत्री रत्नसिरी विक्रमनायके का कहना है कि इस घटना से श्रीलंका की सेना का मनोबन गिरने वाला नहीं है.
उन्होंने संसद को सूचना दी कि हमले में तीन हेलिकॉप्टर, चार प्रशिक्षण विमान और एक जासूसी विमान ध्वस्त हो गए.
नाराज़ विपक्ष
तमिल विद्रोहियों ने हमले के बाद आठ विमानों को बर्बाद करने का ऐलान किया था. उनका ये दावा सही निकला.
लेकिन प्रधानमत्री ने संसद में ये नहीं बताया कि सरकार ने पहले बयान में सूचना छिपाने की कोशिश क्यों की थी.
उन्होंने कहा,"इस हमले से ज़ाहिर होता है कि तमिल विद्रोहियों के हौसले पस्त हो रहे हैं और वो अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान खींचना चाहते हैं."
लेकिन विपक्ष के सांसदों ने इस हमले को सरकार के लिए शर्मनाक बताया. विपक्ष देश के रक्षा सचिव गोतभाया राजपक्षे के इस्तीफ़े की माँग कर रहा है. वे राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे राष्ट्रपति के भाई हैं.
विपक्ष के एक सांसद लक्ष्मण सेनेविरत्ने ने आरोप लगाया कि सरकार जनता को सच नहीं बता रही है. उन्होंने माँग की कि सरकार को सच सामने रखना चाहिए.
पहले सरकार और फ़ौजी अधिकारियों ने कहा था कि सोमवार को हुए हमले में तीन विमानों को नुक़सान पहुँचा और एक हैलीकॉप्टर दुर्घनटाग्रस्त हो गया जिसमें सवार चार पायलय मारे गए.
इधर सरकार ने दावा किया है कि मोर्चे पर 11 तमिल विद्रोही और एक सैनिक मारा गया है.
विवाद
तमिल विद्रोहियों ने कहा है कि श्रीलंका सरकार ने "युद्ध में मारे गए हमारे योद्धाओं की बेइज़्ज़ती की है."
चश्मदीद गवाहों के मुताबिक़ मारे गए लोगों की कुछ लाशें प्लास्टिक के थैलों में और कुछ को निर्वस्त्र करके ट्रॉलियों के ज़रिए शवघर ले जाया गया था.
ये ट्रॉलियाँ शहर के कई हिस्सों से होकर गुज़रीं और ट्रैफ़िक लाइटों पर उन्हें देखने के लिए तमाशबीनों की भीड़ जुट जाती थी.
लेकिन सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर नायक्करा ने इन आरोपों को निराधार बताया है.
उन्होंने कहा है कि तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ करके उन्हें प्रकाशित किया गया ताकि सरकार की छवि धूमिल हो.