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बुधवार, 24 अक्तूबर, 2007 को 15:29 GMT तक के समाचार

चार मामलों में 60 को उम्रक़ैद

भारत में 24 अक्तूबर 2007 का दिन ऐसा रहा जब देश के अलग-अलग हिस्सों में और अलग-अलग मामलों में 60 अभियुक्तों को उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई गई जिनमें उत्तर प्रदेश के एक पूर्व मंत्री भी हैं.

ये मामले कई वर्षों से अदालतों में चल रहे थे जिनमें बम विस्फोट, सांप्रदायिक दंगे, फर्जी मुठभेड़ और अवैध संबंधों की वजह से हत्या के मुक़दमे शामिल थे. इनका विवरण पढ़ने के लिए नीचे क्लिक करें.

दिल्ली की एक अदालत ने 1997 में कनॉट प्लेस में एक फ़र्जी मुठभेड़ मामले में 10 पुलिसकर्मियों को उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई है. इस मुठभेड़ में दो व्यापारी मारे गए थे.

देहरादून की एक अदालत ने मधुमिता हत्याकांड में उत्तरप्रदेश के पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी समेत चार लोगों को उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई

दिसंबर 1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद कानपुर में भड़के सांप्रदायिक दंगों के दौरान दो महिलाओं और एक बच्चे सहित 11 लोगों को ज़िंदा जलाने के आरोप में 15 लोगों को उम्रक़ैद की सज़ा.

तमिलनाडु के कोयंबटूर में 1998 में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में मुख्य अभियुक्त एसए बाशा समेत 31 लोगों को उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई गई